सभी सरकारी अस्पतालों में लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी सीधी माॅनिटरिंग
जनसुनवाई में स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने सुनीं फरियादियों की समस्याएँ, दूरभाष पर अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

सभी सरकारी अस्पतालों में लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी सीधी माॅनिटरिंग – निशांत
जनसुनवाई में स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने सुनीं फरियादियों की समस्याएँ, दूरभाष पर अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने भी सुनीं विभागीय समस्याएँ
01 जुलाई 2026, पटना
बुधवार को जद (यू) प्रदेश कार्यालय, पटना में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में मा0 स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत कुमार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पहुँचे फरियादियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने प्राप्त आवेदनों के विधिसम्मत एवं त्वरित निष्पादन को सुनिश्चित करने हेतु मौके पर ही दूरभाष के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर मा0 परिवहन मंत्री श्री दामोदर रावत ने भी विभाग से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए उनके शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक पहल की। इस मौके पर विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक श्री संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी मौजूद रहे।
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि हर मरीज को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ही समय पर बेहतर इलाज मिले, ताकि उन्हें आवश्यकता पड़ने पर ही पटना आना पड़े। इस दिशा में विभाग पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए वहाँ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही, एक विशेष साॅफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है, जिसके जरिए मैं स्वयं कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सीधे अस्पतालों की निगरानी रखूँगा। इसके अतिरिक्त, समय-समय पर अस्पतालों का औचक निरीक्षण भी करूँगा तथा अपनी टीम को भी फील्ड में भेजूँगा।
श्री निशांत ने कहा कि डाॅक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती रही है, जिसे सुधारने के लिए कडे़ कदम उठाए जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में कुल 504 प्रकार की दवाएँ निःशुल्क उपलब्ध कराने की योजना है, जिनमें से 350 दवाएँ वर्तमान में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा शेष दवाओं की आपूर्ति पर कार्य जारी है। दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। इसके लिए अधिकारियों को दवाओं की रैंडम टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और तकनीशियनों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्य चल रहा है, ताकि सड़क दुर्घटना के शिकार मरीजों को ‘गोल्डन आॅवर’ के भीतर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए l
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव



