
राजद का अतीत जंगलराज और भ्रष्टाचार के काले कारनामों से कलंकित, तेजस्वी के हाथों में पार्टी का भविष्य अंधकारमय – उमेश सिंह कुशवाहा
01 जुलाई 2026, पटना
बिहार जद(यू) के प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि राजद का अतीत ‘जंगलराज’ और भ्रष्टाचार के काले कारनामों से कलंकित रहा है। साल 1990 से 2005 के बीच का वह कालखंड आज भी बिहार की जनता के जेहन में एक खौफनाक दौर के रूप में काले अक्षरों में दर्ज है।
श्री कुशवाहा ने कहा कि लालू परिवार ने हमेशा समाजवाद के झूठे मुखौटे की आड में बिहार की जनता को छला है और निजी स्वार्थ के लिए पूरे सूबे को अराजकता की अंतहीन खाई में धकेलने का काम किया। राजद का वह पंद्रह वर्ष का कुशासन अपहरण उद्योग, सत्ता-संरक्षित अपराधों, जातीय नरसंहारों, महिलाओं की असुरक्षा, चैपट व्यवस्था, चारा घोटाले तथा कई संस्थागत भ्रष्टाचार की एक काली गाथा है। लालू-राबड़ी की सरकार ने अपनी जनविरोधी नीतियों से गौरवशाली बिहार के माथे पर ‘बीमारू राज्य’ का कलंकित तमगा मढ़ा था।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2005 में मा0 श्री नीतीश कुमार ने सत्ता की बागडोर संभालने के बाद बिहार को विकास की पटरी पर लाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने कानून का राज स्थापित कर अपराधियों की कमर तोड़ी, बुनियादी ढाँचे का अभूतपूर्व विस्तार किया तथा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े शोषित, वंचित और कमजोर वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया। इसी सुशासन माॅडल का नतीजा है कि जिस बिहार का नाम लेने पर 2005 से पहले लोग अपमान का अनुभव करते थे, आज वही ‘बिहारी’ पहचान पूरे देश में सम्मान का विषय बन चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर सीधा निशाना साधते हुए श्री कुशवाहा ने कहा कि उनकी राजनीति अब केवल ‘ट्वीट और टूर’ तक सीमित होकर रह गई है। उन्हें जनता से कोई वास्ता नहीं है। उनका ट्रैक रिकाॅर्ड गवाह है कि न उन्होंने मन से पढ़ाई की, न मन से क्रिकेट खेला और अब राजनीति भी मन से नहीं, बल्कि केवल ‘टाइमपास’ के लिए कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजद का जनाधार सिमटकर शून्य हो चुका है और जनता के बीच उसकी विश्वसनीयता पूरी तरह समाप्त हो गई है। तेजस्वी के हाथों में राजद का भविष्य पूरी तरह अंधकारमय है।
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव



