राम मंदिर आस्था का प्रतीक, चंदा मामले में कोई दोषी नहीं बचेगा : संजय सरावगी
बिहार भाजपा अध्यक्ष सरावगी का दावा - योगी सरकार की एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

*राम मंदिर आस्था का प्रतीक, चंदा मामले में कोई दोषी नहीं बचेगा : संजय सरावगी
*बिहार भाजपा अध्यक्ष सरावगी का दावा – योगी सरकार की एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
*भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को बोलने का नैतिक अधिकार नहीं: संजय सरावगी*
*सरावगी ने कांग्रेस को दिखाया आईना, कहा- राहुल गांधी आज तक रामलला के दर्शन करने नहीं पहुंचे*
*चुनाव आते ही अखिलेश यादव को भगवान राम की याद आने लगी : संजय सरावगी*
पटना, 05 जुलाई। भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राम मंदिर को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर करोड़ों देशवासियों ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सनातन धर्म को मानने वाले लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र है। ऐसे पवित्र विषय पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
संजय सरावगी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदा मामले में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई कर रही है। इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी लगातार काम कर रही है। अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, अवैध धन की रिकवरी भी हुई है और जांच को आगे बढ़ाने के लिए एसआईटी को अतिरिक्त समय दिया गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की स्पष्ट नीति है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और इस मामले में कोई भी दोषी किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज कांग्रेस के नेता राम मंदिर और आस्था की बातें कर रहे हैं, जबकि यही कांग्रेस वर्षों तक भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाती रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को पहले अपने अतीत का जवाब देना चाहिए। आज तक राहुल गांधी अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन तक नहीं कर सके। ऐसे लोगों को भगवान राम और राम मंदिर पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए संजय सरावगी ने कहा कि जनता इतिहास नहीं भूली है। उनके पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में कार सेवकों पर गोलियां चलवाई गई थीं, जिसमें अनेक रामभक्तों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक आते ही समाजवादी पार्टी को भगवान राम और रामभक्तों की याद आने लगी है, लेकिन जनता उनकी कथनी और करनी का अंतर अच्छी तरह जानती है।
संजय सरावगी ने कहा कि भाजपा के लिए भगवान श्रीराम केवल चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और करोड़ों लोगों के विश्वास के प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राम मंदिर निर्माण का सपना साकार हुआ है। भाजपा सरकार आस्था का सम्मान करते हुए कानून का राज स्थापित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।



