
बांकीपुर में धनकुबेर नहीं गरीब कार्यकर्ता को चुनेगी जनता, परिणाम आना बाकी जीत तय – जद (यू)
24 जुलाई 2026, पटना
जद (यू0) विधान पार्षद सह मुख्य प्रदेश प्रवक्ता श्री नीरज कुमार, पार्टी विधायक श्री विनय कुमार चैधरी, पार्टी विधायक श्री विजय सिंह निषाद, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री बबलू मंडल ने संयुक्त रुप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता विधानसभा उपचुनाव में एनडीए समर्थित नीरज कुमार सिन्हा जैसे एक गरीब और साधारण कार्यकर्ता को अपना जीत का आशीर्वाद देगी ना कि करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने वाले जन सुराज प्रत्याशी और आरजेडी प्रत्याशी जैसे धनकुबेर को। उन्होंने कहा कि अभी परिणाम आना बाकी है लेकिन एनडीए समर्थित उम्मीदवार की जीत तय है।
राजनीति में फिसड्डी तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बांकीपुर चुनाव से उनकी दूरी कई सवाल खड़े करती है। क्या तेजस्वी यादव इसलिए चुनाव प्रचार से दूर हैं क्योंकि उनकी पार्टी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता पिछड़ा वर्ग समुदाय से आती हैं? आश्चर्य की बात यह है कि उन्होंने आॅनलाइन माध्यम से भी रेखा गुप्ता के समर्थन में जनता को संबोधित करना उचित नहीं समझा। इससे स्पष्ट है कि राजद का सामाजिक न्याय केवल नारों तक सीमित है, व्यवहार में नहीं।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रमुख उम्मीदवारों के चुनावी हलफनामों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए समर्थित उम्मीदवार की कुल संपत्ति 22.62 लाख रुपये, राजद उम्मीदवार की कुल संपत्ति 9.89 करोड़ रुपये, जबकि जन सुराज प्रत्याशी एवं उनकी पत्नी की घोषित कुल संपत्ति 198.66 करोड़ रुपये है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि राजनीति में पारदर्शिता की बात करने वाले जन सुराज प्रत्याशी की इतनी अकूत संपत्ति और आय का राज क्या है?
जन सुराज प्रत्याशी के चुनावी हलफनामे के अनुसार वर्ष 2022-23 में लगभग 44 लाख 49 हजार रुपये की घोषित आय महज एक वर्ष में बढ़कर 2023-24 में लगभग 8 करोड़ 89 लाख 26 हजार रुपये हो गई, यानी लगभग 20 गुना से अधिक वृद्धि। आखिर इतनी बड़ी आय वृद्धि का स्रोत क्या है? यदि वर्ष 2024-25 में घोषित आय मात्र 58 लाख 45 हजार रुपये है, तो फिर 10 करोड़ रुपये का दान किस स्रोत से दिया गया?
चुनावी हलफनामे के अनुसार एनडीए उम्मीदवार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, राजद उम्मीदवार के खिलाफ एक मामला दर्ज है, जबकि जन सुराज प्रत्याशी के खिलाफ 8 मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी का मामला भी शामिल है। जो व्यक्ति स्वयं इतने गंभीर सवालों के घेरे में हो, वह नैतिकता का प्रमाणपत्र बांटने का अधिकार कैसे रखता है?
कुछ अहम सवाल:-
1. आरजेडी प्रत्याशी रेखा गुप्ता के समर्थन में तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रचार नहीं किया। क्या तेजस्वी यादव इसलिए चुनाव प्रचार से दूर हैं क्योंकि उनकी पार्टी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता पिछड़ा वर्ग समुदाय से आती हैं?
2. जन सुराज प्रत्याशी ने अपनी एवं पत्नी की कुल संपत्ति 198 करोड़ 66 लाख 34 हजार रुपए घोषित की है। हम पूछना चाहते हैं कि आखिर आपकी इतनी संपत्ति का राज क्या है? आप नेता हैं, चुनावी रणनीतिकार हैं या करोड़ों की वित्तीय पहेली?
3. जन सुराज प्रत्याशी की साल 2022-23 में ₹44 लाख 49 हजार रुपए की आय एक साल में ₹8करोड़ 89 लाख कैसे बन गई? आय में 20 गुणा वृद्धि की इस चमत्कार का राज क्या है?
4. जब 2024-25 में जन सुराज प्रत्याशी की घोषित आय ₹58लाख 45 हजार थी, तो उन्होंने अपनी पार्टी को ₹10 करोड़ का दान किस पैसे से दिया?
5. जन सुराज प्रत्याशी बीजेपी कार्यकर्ता को कुत्ता-बिल्ली कह रहे हैं? क्या वो गलत बयानबाजी के लिए बांकीपुर की जनता से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगेंगे?
6. क्या जन सुराज की राजनीति का नया माॅडल यही है कि पारदर्शिता की बात दूसरों से की जाए और अपने खिलाफ दर्ज मामलों पर चुप्पी साध ली जाए?
7. जन सुराज प्रत्याशी ने अपनी शैक्षणिक योग्यता में फ्रांस के कैविलम विची से फ्रेंच भाषा का कोर्स करने का उल्लेख किया है। क्या यह फ्रेंच भाषा का प्रशिक्षण था या विश्वविद्यालय की डिग्री? क्या प्रमाणपत्र सार्वजनिक करेंगे?
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में भाषण नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही महत्वपूर्ण है। जन सुराज प्रत्याशी को हर प्रश्न का तथ्य और प्रमाण के साथ उत्तर देना चाहिए।
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव



