
बाप प्रमुख उमेश सिंह ने महाअष्टमी की पावन बेला पर सभी सनातनी भाई,बहनों और माताओं को हार्दिक शुभकामना देते हुए उन सभी माताओ बहनों की भुरी भुरी प्रशंसा किया है जिसने डांडिया खेलने के दौरान भारतीय पारंपरिक वेशभूषा को महत्व दिया है उन्होंने ने आगे कहा कि इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाएं वह कम है उन्होंने ने सभी माताओं और बहनों को इस क़दम का ह्दय से स्वागत करते हुए कहा है कि सदैव अपने संस्कृति से जुड़े रहे,बाप प्रमुख ने आगे कहा है कि सनातन संस्कृति में नारी का सम्मान बहुत ऊंचा है उसके बचाने के लिए आप सभी माताओं और बहनों को सदैव जागरूक रहना चाहिए, ताकि आने वाली पिढी को उससे सिख प्राप्त हो उन्होंने ने कहा कि सनातनी पारम्परिक वेशभूषा का दुनिया में कोई जोड़ नहीं है,इसे सदैव याद रखे,बाप प्रमुख श्री सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परम्परा नारी को चौतरफा सुरक्षा प्रदान करता है जो इसको छोड आगे बढ़ता है वह कही का नहीं रह जाता है, विकसित होने का मतलब कुछ भी नहीं बल्कि अपने परम्परा को चौतरफा मजबूत बनाने का दायित्व उनपर और बढ जाता है सनातनी परंपरा और संस्कृति नारी का सुरक्षा कवच है ( रमेश पासवान राष्ट्रीय प्रवक्ता)



