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मत्स्य एवं सहकारिता क्षेत्र के समग्र विकास हेतु केंद्रीय बजट 2026 की घोषणाओं का स्वागत

प्रेस विज्ञप्ति ( PRESS RELEASE)

बिहार स्टेट कोऑपरेटिव फिशरीज फेडरेशन (COFFED)

प्रबंध निदेशक – श्री ऋषिकेश कश्यप

दिनांक: 01 फरवरी 2026

स्थान: पटना, बिहार

मत्स्य एवं सहकारिता क्षेत्र के समग्र विकास हेतु केंद्रीय बजट 2026 की घोषणाओं का स्वागत

बिहार स्टेट कोऑपरेटिव फिशरीज फेडरेशन (COFFED) के प्रबंध निदेशक श्री ऋषिकेश कश्यप ने 01 फरवरी 2026 को माननीय वित्त मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट भाषण में मत्स्य क्षेत्र, सहकारिता क्षेत्र, सी-फूड निर्यात, FFPO गठन, राष्ट्रीय सहकारी महासंघों को लाभांश पर कर छूट, जलाशय मत्स्य विकास एवं मखाना विकास से संबंधित घोषणाओं का हार्दिक स्वागत किया है।

उन्होंने कहा कि यह बजट ग्रामीण भारत, मछुआ समुदाय, किसानों एवं सहकारी संस्थाओं के लिए समावेशी, दूरदर्शी और विकासोन्मुख है, जो देश की ब्लू इकॉनमी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखता है।

मत्स्य विभाग (Fisheries Department) – प्रमुख योजनाओं का निष्कर्ष

1. प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY)

वित्तीय प्रावधान: ₹ 2,500 करोड़

मुख्य उद्देश्य:

आधुनिक मत्स्य तकनीक को बढ़ावा

मत्स्य पालन में कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण

उत्पादन, प्रसंस्करण, निर्यात एवं रोजगार में वृद्धि

2026-27 के प्रमुख आउटपुट लक्ष्य:

एडवांस्ड एक्वाकल्चर सिस्टम (Cage, RAS, Biofloc आदि) के तहत 180 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र

80,000 व्यक्तियों का कौशल प्रशिक्षण

10,000 हेक्टेयर नया जलीय कृषि क्षेत्र

10 नए फिश हार्बर / फिश लैंडिंग सेंटर

पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता 1,800 मीट्रिक टन

अपेक्षित आउटकम:

मछली उत्पादन में लगभग 9% वृद्धि

मत्स्य निर्यात से विदेशी मुद्रा आय में लगभग 10% वृद्धि

11 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार

2.5 लाख महिलाओं के लिए नए रोजगार अवसर

स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण मछली की उपलब्धता में वृद्धि

2. प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY)

मुख्य फोकस: एक्वाकल्चर बीमा एवं जोखिम प्रबंधन

प्रमुख प्रावधान:

10,000 हेक्टेयर जलीय कृषि क्षेत्र का बीमा कवर

बीमा दावों के निपटान की औसत समयसीमा 90 दिन

बीमित मत्स्य किसानों को 70% तक दावे के भुगतान का लक्ष्य

अपेक्षित लाभ:

जलीय कृषि किसानों के लिए आर्थिक जोखिम में कमी

समयबद्ध क्लेम भुगतान से वित्तीय सुरक्षा एवं स्थिरता

वित्त मंत्री के बजट भाषण के प्रमुख बिंदु

1. मत्स्य क्षेत्र को प्रोत्साहन

आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

कोल्ड-चेन, प्रोसेसिंग यूनिट एवं निर्यात उन्मुख इकाइयों का विस्तार

मछुआरों के लिए बीमा, सुरक्षा एवं वित्तीय समावेशन योजनाएँ

डिजिटल ट्रेसबिलिटी एवं ई-मार्केट प्लेटफॉर्म को बढ़ावा

2. सहकारिता क्षेत्र का सशक्तिकरण

सहकारी संस्थाओं का डिजिटलीकरण एवं पारदर्शिता

“Cooperation among Cooperatives” अभियान को मजबूती

ग्रामीण सहकारी समितियों को वित्तीय एवं तकनीकी सहायता

3. FFPO (Fisheries Farmer Producer Organization) गठन

मछुआरों को संगठित कर बाजार तक सीधी पहुँच

सामूहिक विपणन, बेहतर मूल्य एवं प्रशिक्षण सुविधा

4. सी-फूड (Sea Product) निर्यात को बढ़ावा

अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप प्रसंस्करण

लॉजिस्टिक्स एवं कोल्ड-स्टोरेज नेटवर्क का विस्तार

5. राष्ट्रीय सहकारी महासंघों को लाभांश पर कर छूट

सहकारी संस्थाओं की वित्तीय मजबूती

सदस्य समितियों को अधिक लाभांश वितरण की संभावना

6. जलाशय मत्स्य विकास

वैज्ञानिक मत्स्य प्रबंधन

आधुनिक उपकरण एवं गुणवत्तापूर्ण फिश-सीड उपलब्धता

प्रशिक्षण एवं आजीविका सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम

7. मखाना विकास

“लोकल से ग्लोबल” ब्रांडिंग

वैल्यू एडिशन, पैकेजिंग एवं निर्यात प्रोत्साहन

महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी

30 हजार पंजीकृत मछुआ समितियाँ एवं 3 करोड़ मछुआ सदस्यों के कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक कदम

श्री ऋषिकेश कश्यप ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि केंद्र सरकार की ये घोषणाएँ देश की लगभग 30,000 पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों तथा उनसे जुड़े लगभग 3 करोड़ मछुआ सदस्यों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगी।

इन पहलों से:

मछुआ परिवारों की आय में वृद्धि होगी

रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे

सहकारी संस्थाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी

ग्रामीण एवं तटीय क्षेत्रों में सतत विकास को गति मिलेगी

प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री के प्रति आभार

प्रबंध निदेशक श्री ऋषिकेश कश्यप ने माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय वित्त मंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रस्तुत बजट मछुआरों, किसानों, सहकारी समितियों एवं ग्रामीण उद्यमियों के लिए नई आशा का संचार करता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन नीतिगत पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन से रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि, सहकारिता सशक्तिकरण एवं मछुआ समुदाय के जीवन स्तर में व्यापक सुधार सुनिश्चित होगा तथा भारत ब्लू इकॉनमी एवं कृषि-आधारित उद्योगों में वैश्विक अग्रणी राष्ट्र के रूप में उभरेगा।

जारी कर्ता:

श्री ऋषिकेश कश्यप

प्रबंध निदेशक

बिहार स्टेट कोऑपरेटिव फिशरीज फेडरेशन (COFFED)

“सशक्त सहकारिता – सशक्त मत्स्य – सशक्त भारत”

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