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सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के आलोक में अनुसूचित जाति आरक्षण की संवैधानिक स्थिति पर वक्तव्य ।*

हाल ही में जुलाई 2024 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बिहार सरकार की उस अधिसूचना को असंवैधानिक घोषित किया गया है, जिसके माध्यम से तांती-तंतवा (पान) जाति को अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल किया गया था ।

प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक: 11 फरवरी 2026

  1. *सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के आलोक में अनुसूचित जाति आरक्षण की संवैधानिक स्थिति पर वक्तव्य ।*

हाल ही में जुलाई 2024 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बिहार सरकार की उस अधिसूचना को असंवैधानिक घोषित किया गया है, जिसके माध्यम से तांती-तंतवा (पान) जाति को अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल किया गया था ।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 341 के अंतर्गत अनुसूचित जातियों की सूची में किसी भी प्रकार का परिवर्तन या समावेशन करने का अधिकार केवल संसद को है,राज्य सरकार को नहीं ।

न्यायालय के निर्णय के अनुसार वर्ष 2015 से संबंधित जाति को प्रदान किया गया एससी आरक्षण निरस्त कर दिया गया है तथा संबंधित लाभार्थियों को अति पिछड़ा वर्ग (EBC) श्रेणी में समायोजित करने का निर्देश दिया गया है ।

साथ ही,एससी कोटे में उत्पन्न रिक्तियों को वास्तविक अनुसूचित जाति के पात्र अभ्यर्थियों से भरने का आदेश दिया गया है ।

यह निर्णय संविधान की मूल भावना और आरक्षण व्यवस्था की वैधानिक संरचना की पुनः पुष्टि करता है ।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को प्रदत्त आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि *ऐतिहासिक सामाजिक बहिष्कार और विशेष रूप से अस्पृश्यता (Untouch ability) जैसी अमानवीय प्रथाओं से उत्पन्न सामाजिक व शैक्षणिक वंचना है ।*

संविधान निर्माताओं ने इन वर्गों को प्रतिनिधित्व और गरिमा प्रदान करने के उद्देश्य से विशेष संरक्षण दिया है ।

यह आवश्यक है कि आरक्षण से संबंधित किसी भी नीति या निर्णय में संवैधानिक प्रावधानों, विधिक प्रक्रिया और सामाजिक न्याय की मूल भावना का पूर्णतः पालन किया जाए ।

सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय न केवल संवैधानिक व्यवस्था को सुदृढ़ करता है, बल्कि अनुसूचित जातियों के वैध अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित करता है और उजागर करता है बिहार की भाजपा-जदयू के *अनुसूचित जाति* विरोधी चेहरे को और विशेषकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेहरे को जिन्होंने अनुसूचित जाति को *दलित-महादलित* करके कमजोर किया है ।

सधन्यवाद

*आदित्य पासवान*
नेता , बिहार काॅग्रेस
पटना

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