
विकसित गांव, विकसित बिहार- नीतीश कुमार के सात निश्चय से बदली तस्वीर – अरविंद निषाद
18 फरवरी 2026, पटना।
जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्री अरविंद निषाद ने सोशल संवाद करते हुए कहा कि बिहार के गांव आज परिवर्तन की नई कहानी लिख रहे हैं। एक समय था जब गांवों को पिछड़ेपन, अंधेरे, कच्ची सड़कों, गंदगी और पलायन के प्रतीक के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज वही गांव विकास, स्वच्छता, रोशनी और आत्मनिर्भरता के प्रतीक बन चुके हैं। यह बदलाव किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच और ‘‘सात निश्चय’’ के प्रभावी क्रियान्वयन का सशक्त प्रमाण है।
सात निश्चय योजना के अंतर्गत हर गली को पक्की सड़क से जोड़ा गया, नालियों का निर्माण कराया गया और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। आज बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या में काफी कमी आई है। यह केवल आधारभूत सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और सम्मान की रक्षा का संकल्प है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना ने गांवों की तस्वीर बदल दी है। जो गांव कभी अंधेरे में डूबे रहते थे, आज वहां चैक-चैराहे और सार्वजनिक स्थल रोशनी से जगमगाते हैं। स्वच्छता के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने ऐतिहासिक पहल की है। पंचायत स्तर पर ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था लागू की गई है, कचरा संग्रहण प्रणाली विकसित की गई है और शौचालय निर्माण के माध्यम से खुले में शौच की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। इससे ग्रामीण जीवन में स्वच्छता और आधुनिकता का नया अध्याय जुड़ा है।
‘‘हर घर नल का जल’’ योजना ने ग्रामीण विकास को नई दिशा दी है। अब गांवों की महिलाओं को पानी के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ता। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और महिलाओं का समय अब शिक्षा, स्वरोजगार और परिवार की उन्नति में लग रहा है।
सड़क और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य सरकार ने गांवों को प्रखंड, जिला और शहर से बेहतर तरीके से जोड़ा है। पुल-पुलियों के निर्माण से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिली है। जो लोग गांवों में विकास पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं, उन्हें जमीन पर आकर वास्तविकता देखनी चाहिए। गांव की गली से लेकर चैक-चैराहे तक परिवर्तन स्पष्ट दिखाई देता है। यह विकास दिखावटी नहीं, बल्कि सुनियोजित, व्यवस्थित और टिकाऊ है। आज बिहार का गांव रोशन है, स्वच्छ है, सशक्त है और जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार का मानना है कि विकसित गांव ही विकसित बिहार की नींव हैं
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव



