
*राज्यसभा चुनाव में पांचवां प्रत्याशी वापस लेकर नीतीश कुमार को सम्मानित विदाई दें भाजपा: राजेश राठौड़
*नीतीश कुमार की अंतिम राजनीतिक यात्रा में भी अड़ंगा डाल रही भाजपा: राजेश राठौड़
*सत्ता हड़पने के बाद भी राज्यसभा चुनाव में मतदान करा सीएम नीतीश को बेइज्जत कर रही है भाजपा: राजेश राठौड़
*पटना. शनिवार, 7 मार्च, 2026*
बिहार की सत्ता हड़पने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जबरन राज्यसभा भेजने के फरमान के बाद भाजपा के द्वारा क्रूर नीति अपनाकर राज्यसभा चुनाव में अतिरिक्त उम्मीदवारी देना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अंतिम राजनीतिक यात्रा में भी अड़ंगा डालना अपने ही गठबंधन सहयोगी के साथ क्रूरतम व्यवहार है। भाजपा को अविलंब अपने अतिरिक्त उम्मीदवार का नाम निर्देशन प्रपत्र वापस लेना चाहिए ताकि नीतीश कुमार की अंतिम राजनीतिक पारी सम्मान के साथ संभव हो सकें। ये बातें बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने तंज कसते हुए कही है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को क्रूर नीति का त्याग कर राज्यसभा के अपने एक अतिरिक्त उम्मीदवार का नाम वापस लें और नीतीश कुमार को निर्विरोध निर्वाचन कराकर उनके अंतिम राजनीतिक यात्रा का सम्मानपूर्वक अंत करने में भागीदार बनें। चूंकि 2005 से मुख्यमंत्री रहते नीतीश कुमार ने अपने पूरे मुख्यमंत्रित्व काल में एक बार छोड़कर, हर बार विधान पारिषद और राज्य सभा का निर्वाचन निर्विरोध करवायें और अतिरिक्त मत रहते हुए भी कभी मतदान के पक्ष में नहीं रहें। ऐसे में आखिर भाजपा और एनडीए ने किस उम्मीद से पांचवें प्रत्याशी की घोषणा कर दी और उनसे नामांकन भी करवा दिया। निश्चित तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सत्ता हड़पने के बाद उन्हें अंतिम राजनीतिक पारी में भी बेइज्जत कर कहीं सत्ता से दूर रखने की साजिश तो नहीं रच दी गई है। अविलंब एनडीए के शीर्ष नेताओं को नीतीश कुमार की राज्यसभा उम्मीदवारी को लेकर उलझी इस भ्रम को संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से दूर करना चाहिए कि आखिर संख्याबल नहीं रहने पर क्या नीतीश कुमार को ही पांचवें उम्मीदवार के रूप में भाजपा ने तो नहीं उतार दिया है!
राजेश राठौड़
चेयरमैन, मीडिया विभाग
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी



