जहाँ कभी भय और नक्सल का साया था, वहाँ आज विकास और समृद्धि का नया अध्याय रच रहे नीतीश कुमार – डा0 जितेंद्र कुमार

जहाँ कभी भय और नक्सल का साया था, वहाँ आज विकास और समृद्धि का नया अध्याय रच रहे नीतीश कुमार – डा0 जितेंद्र कुमार
21 मार्च 2026, पटना।
जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता डा0 जितेंद्र कुमार ने सोशल मीडिया संवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा बिहार के सर्वांगीण विकास की जीवंत अभिव्यक्ति है। गया और औरंगाबाद जैसे वे जिले, जो कभी नक्सल प्रभाव, भय, अविकास और प्रशासनिक उपेक्षा के प्रतीक माने जाते थे, आज मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में शांति, विकास, धार्मिक पर्यटन और आधुनिक आधारभूत संरचना के उभरते माॅडल के रूप में स्थापित हो रहे हैं।
गया जिला, जो आस्था, इतिहास, बुद्ध की करुणा, पितृपक्ष की परंपरा, सामाजिक विविधता और संघर्ष की भूमि रहा है, वहाँ मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के दौरान लगभग 744 करोड़ रुपये की विशाल विकास योजनाओं की सौगात देकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि गया को केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा, बल्कि उसे आधुनिक कृषि, कनेक्टिविटी, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास के राष्ट्रीय माॅडल के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गया में 367 करोड़ रुपये की लागत से 553 योजनाओं का उद्घाटन तथा 377 करोड़ रुपये की लागत से 140 योजनाओं का शिलान्यास किया। कुल मिलाकर 693 विकासात्मक योजनाओं का यह पैकेज केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि गया के सामाजिक-आर्थिक पुनरुत्थान का विराट रोडमैप है।
गया में 13,334 जीविका स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को लगभग 609.07 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया जाना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बिहार की आधी आबादी को आत्मनिर्भरता, सम्मान और नेतृत्व से जोड़ने का ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने जिस जीविका मॉडल को सशक्त किया, उसने बिहार की लाखों ग्रामीण महिलाओं को घर की सीमाओं से निकालकर आर्थिक शक्ति, सामाजिक सम्मान और सामुदायिक नेतृत्व की धुरी बनाया है।
वहीं औरंगाबाद जिला, जो कभी नक्सल प्रभाव और सीमावर्ती असुरक्षा की छाया में था, आज मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में धार्मिक आस्था, सिंचाई, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुरक्षा, शहरी विस्तार और महिला सशक्तिकरण के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। समृद्धि यात्रा के दौरान उन्होंने औरंगाबाद को लगभग 678 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी, जिसमें 123 करोड़ रुपये की लागत से 142 योजनाओं का उद्घाटन तथा 555 करोड़ रुपये की लागत से 120 योजनाओं का शिलान्यास किया गया। कुल 262 विकास योजनाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि औरंगाबाद के लिए सरकार ने व्यापक, संतुलित और भविष्यदर्शी विकास का खाका तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि औरंगाबाद में 6,754 जीविका समूहों के खाते में 100 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया जाना भी इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की राजनीति का केंद्र महिला सशक्तिकरण है, न कि केवल घोषणात्मक राजनीति। पूंजी की उपलब्धता, स्वरोजगार का विस्तार, समूह आधारित आर्थिक संरचना, बैंकिंग से जुड़ाव, परिवार की आय में वृद्धि और सामाजिक सम्मानकृये सभी परिणाम जीविका माॅडल की शक्ति को प्रमाणित करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने बार-बार सिद्ध किया है कि बिहार में विकास का अर्थ केवल बड़ी परियोजनाएँ नहीं, बल्कि ऐसी नीतियाँ हैं जिनका सीधा असर गरीब, वंचित, पिछड़े, अति पिछड़े, दलित, महादलित, अल्पसंख्यक, किसान, बुनकर, मछुआरे, छात्र, महिलाएँ और युवा-समाज के हर वर्गकृके जीवन पर दिखाई दे। यही कारण है कि समृद्धि यात्रा का हर पड़ाव बिहार के विकास का केवल सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय संतुलन, शांति, समावेशन और आत्मसम्मान की नई परिभाषा बनकर उभर रहा है।
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव



