
चमचागिरी कर और बड़े नेताओं का जुता उठाने वाले लोग लोकतंत्र का मतलब क्या समझेंगे उन्हें तो सिर्फ यह याद है कि हमे अपने आका को सदैव खुश रखना है ताकि सदैव सदन पहुंचते रहे और हमारे बच्चे भी सदन पहुंचते रहे बस यही धुरी बन गया है भारतीय राजनीति का और यह सभी लोकतंत्र के सबसे बड़ा दुश्मन है,पार्टी प्रमुख श्री उमेश सिंह जी ने आगे कहा कि सरकार में भ्रष्टाचार और जनता परेशान इसलिए है कि लोकतंत्र का मतलब सरकारें नहीं समझ पाई सभी ने इसका स्वरूप राजतांत्रिक बनाने पर जोर दिया है ताकि जनता पर परोक्ष रुप से शासन किया जा सके,वे जनसेवा से घृणा करते रहे और लोकतंत्र कमजोर होता गया और जनता परेशान रही, बाप प्रमुख ने कहा कि शासन शब्द राजतंत्र का हिस्सा है लोकतंत्र का नहीं है, उन्होंने ने कहा सशक्त सदन से शासन नहीं जनसेवा में पारदर्शिता आएगी,शासन शब्द सरकारों में बैठे दलों के लोगों को अहंकारी बनता है उन्हें लगता है कि हम चक्रवर्ती सम्राट है जबकि वे जनता के नौकर है, उन्होंने सभी सदनों के निर्वाचित सदस्यगणो से आग्रह किया है कि अपने अन्दर जनता के सेवक का आचरण विकसित करें राजे महाराजे की नही ताकि आम जनता आप सबों तक पहुंच सके,( रमेश पासवान राष्ट्रीय प्रवक्ता)



