
पार्टी प्रमुख श्री उमेश सिंह ने कहा है कि उपेन्द्र कुशवाहा अपने दिल पर हाथ रख और ईमानदारी से बोलें की बिहार में शराबबंदी कानून रखने लायक है या नहीं तो उनका हृदय भी चिल्लाएगा की नहीं क्योंकि वह पुरी तरह से फेल है, हर जगह शराब उपलब्ध है यह कानून सिर्फ राजस्व को चुना लगा रहा है, उन्होंने कहा कि हम तो उपेन्द्र कुशवाहा को समझदार और ज्ञानी जन सेवक समझ रहे थे पर आज वे जिस तरह से कहा है कि विपक्ष के कहने पर शराबबंदी कानून वापस नहीं होगा,यह तो पुरी तरह से अहंकारी और निरंकुश भाषा है इसका लोकतंत्र में कही स्थान नहीं है यह राजतंत्र नहीं है और आप जनता के नौकर है राजा की भाषा बोलने से बचे,लोकतंत्र में विपक्ष का काम ही है की वह सरकार के ग़लत फ़ैसले का विरोध जताकर उजागर करें ताकि सरकार उसे सुधार सके, उन्होंने ने आगे कहा की लोकतंत्र के मजबुती के लिए परिवारवादी दले और स्थापित नेताओं के पुत्र पुत्रीयो का सफाया जरुरी है इनके सफाया के लिए होमवर्क करें लोकतंत्र के मालिक रुपी जनता ताकि आप सबों के बच्चे सदन पहुच सके लालच में हरगिज न पड़ें ये लोग आपके बच्चों के विकास का सबसे बड़ा दुश्मन है।जो ग़लत है उसका विरोध सदैव किया जाएगा चाहे वह कोई भी दल के जनसेवक हो लोकतंत्र को कमजोर करने वाले समस्त कड़ीयो का विरोध जारी रहेगा, जनसेवको ने देश के सत्ता को अपने और अपने परिवार के व्यवस्थित जीवन यापन का जरिया बना लिया है इसका विरोध सदैव किया जाएगा जबतक इसका खात्मा न हो जाए, क्योंकि लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन यही कड़ी है ( रमेश पासवान राष्ट्रीय प्रवक्ता)



