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20 वर्षों के सुशासन पर कोई एंटी-इनकम्बेंसी नहीं, बिहार ने फिर दिखाई दिशा – अंजुम आरा.

 

  1. 20 वर्षों के सुशासन पर कोई एंटी-इनकम्बेंसी नहीं, बिहार ने फिर दिखाई दिशा – अंजुम आरा

13 दिसम्बर 2025

जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अंजुम आरा ने सोशल संवाद करते हुए विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए गठबंधन की जीत को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह जनादेश केवल एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि बिहार की जनता का सुशासन, विकास और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट विश्वास का सशक्त प्रमाण है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा यह कहना कि बिहार की राजनीति का केंद्रबिंदु मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार हैं, इस जनादेश के माध्यम से पूर्णतः सिद्ध हो गया है। वर्ष 2005 से लेकर अब तक लगभग दो दशकों के शासनकाल में बिहार की जनता ने बार-बार यह साबित किया है कि विकास, कानून-व्यवस्था, सामाजिक समरसता और भरोसेमंद नेतृत्व के सामने किसी प्रकार की एंटी-इनकम्बेंसी नहीं टिकती। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में जनता ने जिस बड़े स्ट्राइक रेट के साथ समर्थन दिया है, वह राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी अध्ययन और शोध का विषय बन गया है।

यह जनादेश बिहार के भविष्य के लिए है, बिहार के बच्चों और युवाओं के उज्ज्वल कल के लिए है तथा एक समृद्ध, सशक्त और विकसित बिहार के निर्माण के संकल्प का प्रतिबिंब है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीति वादों की नहीं, बल्कि प्रतिबद्धता और उसके क्रियान्वयन की रही है। यही उनकी और एनडीए सरकार की सबसे बड़ी पूंजी और पहचान है।

जनता से किया गया वर्ष 2025 से 2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का संकल्प अब केवल घोषणा नहीं, बल्कि कार्यरूप में सामने आ चुका है। सरकार के गठन के साथ ही तीन नए विभागोंकृयुवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग तथा नागरिक उड्डयन विभागकृका गठन इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपने वादों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। औद्योगिकीकरण, कौशल विकास, रोजगारोन्मुख शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विस्तार के माध्यम से बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य अब प्रारंभ हो चुका है।

इस ऐतिहासिक जनादेश के केंद्र में बिहार की महिलाएं हैं। जिनकी जागरूकता, सहभागिता और दूरदर्शिता ने बिहार के लोकतंत्र को नई मजबूती दी है। आज बिहार की महिलाएं केवल मतदाता नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की सशक्त वाहक बन चुकी हैं। बालिका साइकिल योजना से लेकर 50 प्रतिशत महिला आरक्षण, जीविका दीदियों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार से जुड़ी नीतियों ने महिलाओं के जीवन में मौन लेकिन गहरी क्रांति लाई है।

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की नीतियों ने महिलाओं को न केवल सम्मान और सुरक्षा दी, बल्कि निर्णय लेने की शक्ति और आत्मनिर्भरता भी प्रदान की। मुख्यमंत्री महिला स्वरोजगार योजना के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता का जो मार्ग प्रशस्त हुआ है, वह संविधान की उस मूल भावना को साकार करता है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की स्वतंत्रता और गरिमा की बात कही गई है। आज बिहार की महिलाएं बिना भय के सार्वजनिक जीवन में भागीदारी कर रही हैं, और यही विश्वास इस प्रचंड जनादेश का सबसे बड़ा आधार है।

यह जनादेश अतीत की राजनीति का नहीं, बल्कि भविष्य के बिहार की तैयारी का संकेत है। सुशासन अब केवल एक शब्द नहीं, बल्कि बिहार की पहचान बन चुका है। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार जनता के इस विश्वास को और मजबूत करेगी तथा विकास, सामाजिक न्याय और समावेशी प्रगति के पथ पर बिहार को निरंतर आगे ले जाएगी।

 

अशोक कुमार)

कार्यालय सचिव

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