भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल का प्रेस बयान।
वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर संसद में बहस राष्ट्रभक्ति को नई ऊर्जा देने वाली ऐतिहासिक पहल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल का प्रेस बयान।
वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर संसद में बहस राष्ट्रभक्ति को नई ऊर्जा देने वाली ऐतिहासिक पहल
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्रवाद मजबूत हुआ
पटना, 8 दिसम्बर 2025
वन्दे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर संसद में आयोजित चर्चा केवल एक औपचारिक बहस नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, अस्मिता और राष्ट्रीय चेतना को पुनः जागृत करने वाली ऐतिहासिक पहल है। यह वही वन्दे मातरम् है जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौर में करोड़ों भारतीयों के हृदय में राष्ट्र के लिए सर्वस्व त्यागने की चेतना भरी और आज भी हर देशवासी की नसों में देशभक्ति का रक्त प्रवाहित करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने बीते वर्षों में राष्ट्रवाद को किसी संकीर्ण राजनीतिक विचारधारा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान से जोड़ कर जन-जन का आंदोलन बनाया है। संसद में वन्दे मातरम् पर हुई यह चर्चा उसी सोच का प्रतीक है—जहाँ राष्ट्रभक्ति को शर्म का विषय नहीं, बल्कि गर्व का भाव माना जाता है।
कुछ विपक्षी दलों द्वारा राष्ट्रगीत, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर बार-बार संदेह और विवाद खड़ा करने की राजनीति अब देश की जनता भली-भांति समझ चुकी है। आज का भारत वह भारत है जो अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करता है और किसी भी प्रकार की वैचारिक गुलामी को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। वन्दे मातरम् पर संसद में खुलकर चर्चा होना इस बात का स्पष्ट संदेश है कि देश अब अपने राष्ट्रवादी मूल्यों पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने न केवल सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि सांस्कृतिक और वैचारिक स्तर पर भी भारत को सशक्त बनाया है। ‘वन्दे मातरम्’ केवल दो शब्द नहीं, यह मातृभूमि के प्रति समर्पण, सम्मान और बलिदान की भावना है—और आज की सरकार ने उसी भावना को नई पीढ़ी के मन में रोपने का कार्य किया है।
यह बहस उन सभी आलोचकों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो राष्ट्रवाद को विभाजनकारी बताकर देश की जड़ों को कमजोर करना चाहते हैं। सच यह है कि मजबूत राष्ट्रवाद ही मजबूत लोकतंत्र की नींव होता है, और मोदी सरकार उसी नींव पर नए भारत का निर्माण कर रही है।
वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर संसद की यह पहल आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगी कि भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि एक जीवंत सभ्यता है—जिसे सशक्त, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनाने का संकल्प आज पूरा देश ले चुका है।
भारत माता की जय
— प्रेम रंजन पटेल
प्रदेश प्रवक्ता भाजपा



