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राहुल गांधी का संसद के मकर द्वार पर पिकनिक मनाना सदन और संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन: गुरु

‎*राहुल गांधी का संसद के मकर द्वार पर पिकनिक मनाना सदन और संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन: गुरु प्रकाश*‎*राहुल गांधी के आचरण से देश स्तब्ध: गुरु प्रकाश*‎*भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने पूछे सवाल – क्या राहुल गांधी खुद को कानून, संविधान से ऊपर मानते हैं?*‎*संसद लोकतंत्र का मंदिर और राहुल गांधी इसे ‘चाय पार्टी’ का मंच बनाना चाहते हैं: गुरु प्रकाश*‎पटना, 14 मार्च। भाजपा के नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने 12 मार्च 2026 को लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताते हुए कहा कि उस दिन लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के 20 अन्य सांसदों के साथ जिस तरह से विरोध के नाम पर संसद के मकर द्वार पर पिकनिक मना रहे थे, यह न केवल सदन का अपमान है बल्कि संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन भी है।  ‎‎भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निरंतरता से भारत का मान, सम्मान और गौरव बढ़ा रहे हैं, वहीं राहुल गांधी देश में इस तरह का कार्य कर रहे हैं। उन्हें इसका जवाब देना होगा।  ‎उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के उस आचरण से देश स्तब्ध है। बाबा साहेब अंबेडकर को मानने वाले लोग पीड़ित और व्यथित हैं कि आखिर उन्हें कौन सी मजबूरी थी कि संसद के मकर द्वार को पिकनिक स्पॉट बनाये। ‎राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने आगे कहा कि संसद को लोकतंत्र का मंदिर माना जाता है जहां वाद-विवाद और चर्चा होती है, लेकिन जब ऐसी घटना होती है तो पीड़ा होती है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या राहुल गांधी खुद को कानून, संविधान से ऊपर मानते हैं?  ‎उन्होंने कहा, “चुनाव हारे तो चुनाव आयोग दोषी, सुप्रीम कोर्ट में पक्ष में फैसला आए तो ठीक, विपक्ष में फैसला आए तो न्यायालय दोषी। यह सुनियोजित प्लान अटैक है। लगातार संविधान, संवैधानिक संस्थान, संसद का अपमान किया जाता है। राहुल गांधी को इसका जवाब देना पड़ेगा।”  ‎उन्होंने संभावना जताते हुए कहा कि लगता है सत्ता से दूर होने के कारण उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। उन्हें लगता है सत्ता इनका जन्मसिद्ध अधिकार है। कभी नरेंद्र मोदी, तो कभी आदिवासी महिला राष्ट्रपति के लिए अपमानजनक शब्द कहते हैं। वैसे यह कोई नई बात नहीं है। सत्य तो यह है कि जब ये कांग्रेस के लोग संविधान निर्माता बाबा साहेब का अपमान कर सकते हैं, तो संविधान और संसद का अपमान तो करेंगे ही। यह उनका पैटर्न है। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। ‎कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को न लोकतंत्र की चिंता है, न संसद के नियम और कायदे की चिंता है। भारत लोकतंत्र की जननी है, लेकिन विपक्ष के नेता की ऐसी तस्वीरें शर्मसार करती हैं। उन्होंने कहा कि 2014 के पहले दलित, शोषित, वंचित समाज की महिलाएं चूल्हे पर खाना बनाती थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्जवला के तहत 10 करोड़ से अधिक रसोई गैस कनेक्शन दिए। पहले इसी गैस के लिए लाइन लगी रहती थी।  ‎उन्होंने कहा कि हम लोगों का मानना है कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है और कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी इसे चाय पार्टी के मंच बनाना चाहते हैं। इससे निंदनीय बात और कुछ हो ही नहीं सकती है। राहुल गांधी और उनके साथियों द्वारा किए गए इस कृत्य से लोकतंत्र की पवित्रता, मर्यादा पर चोट पहुंची है। देश और संविधान को मानने वाले लोग राहुल गांधी के इस कुकृत्यों को देख रहे हैं। भाजपा आखिरी दम तक लोकतंत्र की मर्यादा के लिए संघर्ष करेगी। कानून की दृष्टि में सब बराबर हैं। राहुल गांधी से उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष और सदन से माफी मांगने का आग्रह किया।  ‎इस प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल और प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अमित प्रकाश बबलू भी उपस्थित रहे।

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