Trending Newsअपराधट्रेंडिंगदिल्लीदेशपटनाप्रशासनबक्सरबिहारब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्यविचार

नीतीश कुमार के सुशासन में अल्पसंख्यकों को मिला हक, सम्मान और मुख्यधारा में मजबूत भागीदारी – अंजुम आरा

 

  1. नीतीश कुमार के सुशासन में अल्पसंख्यकों को मिला हक, सम्मान और मुख्यधारा में मजबूत भागीदारी – अंजुम आरा

18 मार्च 2026, पटना।

जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अंजुम आरा ने जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बीते 20 वर्षों में बिहार ने विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय का ऐसा माॅडल प्रस्तुत किया है, जिसने अल्पसंख्यक समुदाय के जीवन में वास्तविक और ऐतिहासिक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि जहाँ पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में अल्पसंख्यक समाज को केवल वोट बैंक की राजनीति और तुष्टिकरण का माध्यम बनाकर रखा गया, वहीं नीतीश कुमार की सरकार ने ‘‘न्याय के साथ विकास’’ और ‘‘समावेशी विकास’’ की नीति के तहत अल्पसंख्यकों को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, रोजगार और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम किया है।

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समाज के उत्थान को कभी राजनीतिक नारे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे ठोस योजनाओं, संस्थागत सुधारों और उपलब्धियों के माध्यम से धरातल पर उतारा। वर्ष 2005-06 में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का बजट जहाँ मात्र 3.5 करोड़ रुपये था, वहीं उनकी दूरदर्शी सोच और संवेदनशील नेतृत्व में इस क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि की गई, जिससे शिक्षा, कौशल विकास और कल्याणकारी योजनाओं को नई मजबूती मिली। यह सिर्फ बजट बढ़ाने की बात नहीं थी, बल्कि अल्पसंख्यक समाज के भविष्य को मजबूत करने की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण था।

उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षा के क्षेत्र में जो ऐतिहासिक सुधार हुए, वे बिहार के सामाजिक परिवर्तन की मिसाल हैं। मदरसों को मान्यता देना, मदरसा शिक्षकों को सरकारी शिक्षकों के समकक्ष वेतनमान उपलब्ध कराना और आधुनिक पाठ्यक्रम लागू करना, ये ऐसे कदम थे जिन्होंने हजारों छात्र-छात्राओं को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा। इससे न केवल शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ, बल्कि अल्पसंख्यक समाज के बच्चों के लिए अवसरों के नए द्वार भी खुले। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने यह साबित किया कि परंपरा और आधुनिकता को साथ लेकर चलना ही सच्चे विकास का मार्ग है।

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक बेटियों के सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी। ‘हुनर’ जैसे अभिनव कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों अल्पसंख्यक लड़कियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया। अल्पसंख्यक युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी नीतीश सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किया है। 20,000 से अधिक युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के योग्य बनाया गया। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में सैंकड़ों पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया सुनिश्चित कर यह स्पष्ट किया गया कि सरकार अवसरों की समान भागीदारी में विश्वास रखती है।

यह कहना बिल्कुल उचित होगा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने अल्पसंख्यकों के लिए तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर सशक्तिकरण की नई परिभाषा गढ़ी है। उनके नेतृत्व में बिहार ने यह दिखाया है कि जब नीयत साफ हो, नीति समावेशी हो और नेतृत्व संवेदनशील हो, तब समाज का हर वर्ग विकास की धारा में बराबरी से आगे बढ़ सकता है। अल्पसंख्यक समुदाय की जो प्रगति बीते 20 वर्षों में बिहार में देखने को मिली है, वह राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज रहेगी

(संजय कुमार सिन्हा)

कार्यालय सचिव

Rate this post

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button