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नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में स्वास्थ्य क्रांति, ‘बीमारू’ से बना माॅडल स्टेट – परिमल कुमार

प्रकाशनार्थ/प्रसारणार्थ

नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में स्वास्थ्य क्रांति, ‘बीमारू’ से बना माॅडल स्टेट – परिमल कुमार

22 फरवरी 2026, पटना।

जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्री परिमल कुमार ने सोशल मीडिया संवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में बिहार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक और क्रांतिकारी परिवर्तन का अनुभव किया है। जो बिहार कभी ‘बीमारू’ राज्य के रूप में चिन्हित किया जाता था, जहाँ अस्पतालों में न दवाएँ उपलब्ध थीं, न चिकित्सक, और बुनियादी ढाँचा पूरी तरह जर्जर था, वही बिहार आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है। वर्ष 2005 से पूर्व की स्थिति में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में औसतन अत्यंत कम मरीज आते थे और जनता का विश्वास सरकारी व्यवस्था से उठ चुका था, किंतु आज वही स्वास्थ्य केंद्र प्रतिमाह हजारों मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। संस्थागत प्रसव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। परिवार नियोजन कार्यक्रमों को स्वैच्छिक, जागरूकता आधारित और महिला सशक्तिकरण से जोड़कर आगे बढ़ाया गया है। महिला शिक्षा पर विशेष बल देने के परिणामस्वरूप प्रजनन दर प्रतिस्थापन स्तर के निकट पहुँच रही है, जो जनसंख्या स्थिरीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

स्वास्थ्य अवसंरचना के क्षेत्र में भी व्यापक विस्तार हुआ है। वर्ष 2005 से पहले राज्य में मात्र छह मेडिकल काॅलेज थे, जबकि आज उनकी संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है और अनेक जिलों में नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण तीव्र गति से जारी है। पुराने चिकित्सा संस्थानों का व्यापक आधुनिकीकरण किया गया है। पटना मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल के पुनर्विकास के अंतर्गत अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल अस्पताल परिसर विकसित किया जा रहा है, जो देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में शामिल होगा। इसी प्रकार इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में बेड क्षमता वृद्धि और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया गया है, जिससे बिहार अब उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का केंद्र बनता जा रहा है।

सरकार की नीतियों का उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि न्याय के साथ विकास सुनिश्चित करना रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना और सुशासन को समानांतर रूप से सुदृढ़ किया गया है। “सात निश्चय” और उसके आगामी चरणों के अंतर्गत बुजुर्गों के सम्मान और जीवन को आसान बनाने की दिशा में डोर-स्टेप स्वास्थ्य सेवाओं जैसी अभिनव पहल की गई है, जिसके अंतर्गत वृद्धजनों को घर पर ही आवश्यक जाँच और दवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। यह पहल विकसित देशों के समकक्ष एक प्रगतिशील सोच को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में जो उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं, वे सुशासन, दूरदृष्टि और जनसमर्पण का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। आज बिहार देश की तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और आने वाले समय में यह राज्य विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

(संजय कुमार सिन्हा)

कार्यालय सचिव

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