
प्रकाशनार्थ/प्रसारणार्थ
नैतिक दिवालियापन के शिकार हो चुके हैं तेजस्वी, मनगढ़ंत आरोपों के सहारे भ्रम फैलाने की कोशिश – उमेश सिंह कुशवाहा
10 जुन 2026, पटना।
बिहार जद (यू) के मा0 प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने बुधवार को बयान जारी कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को नैतिक दिवालियापन का शिकार बताया और कहा कि वे राजनीतिक हताशा के गर्त में डूबे हुए हैं, जिसका असर उनकी बयानबाजी में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मनगढ़ंत, तथ्यहीन और अनर्गल आरोपों के सहारे जनता को भ्रमित करने की उनकी कोशिश पूर्व में भी नाकाम रही है और आगे भी नाकाम होगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने तेजस्वी यादव को अपने गिरेबान में झाँकने की सलाह देते हुए कहा कि बिहार के इतिहास में लालू-राबड़ी का शासनकाल बिहार के इतिहास का वह काला अध्याय है, जिसे जनता ‘घोटालों, संस्थागत भ्रष्टाचार और वित्तीय बदहाली’ के नाम से जानती है। उस समय की सरकार की बदहाली का खामियाजा सूबे के मध्यमवर्ग, ईमानदार कर्मचारियों और शिक्षकों ने भुगता है, जिन्हें सरकार की नाकामी के कारण 6 से 9-9 महीनों तक बिना वेतन के काम करने पर मजबूर होना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के पास अब कोई ठोस मुद्दा शेष नहीं रह गया है, इसलिए तेजी से खिसकती राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए वे लगातार गलतबयानी का सहारा ले रहे हैं।
श्री उमेश कुशवाहा ने कहा कि सरकारी खजाने को लूटकर अपनी निजी तिजोरियां भरने वाला लालू परिवार आज राज्य की वित्तीय और आर्थिक स्थिति पर उपदेश दे रहा है, जो अत्यंत हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि पिछले 21 वर्षों में बिहार के बजट का आकार लगभग 15 गुना बढ़ा है। साथ ही, वर्ष 2025-26 में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो देश के कई अग्रणी राज्यों से भी अधिक है। श्री नीतीश कुमार की प्रभावी नीतियों के परिणामस्वरूप बिहार ‘बीमारू’ छवि से बाहर निकलकर विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और यही प्रगति राजद को स्वीकार नहीं हो पा रही है।
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव



