भाजपा के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कांग्रेस का सुनियोजित हिंसक हमला, दर्जनों कार्यकर्ता घायल
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल *लोकतंत्र में हिंसा और अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं : संजय सरावगी

*भाजपा के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कांग्रेस का सुनियोजित हिंसक हमला, दर्जनों कार्यकर्ता घायल
*प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल
*लोकतंत्र में हिंसा और अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं : संजय सरावगी
*राहुल गांधी के विरोध में निकले शांतिपूर्ण मार्च पर कांग्रेस ने बरसाए पत्थर और लाठियां
*भाजपा कार्यकर्ताओं का संयम लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण
*कांग्रेस की हिंसक राजनीति को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी : भाजपा
पटना, 22 जुलाई। दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के द्वारा आराजकता फैलाने और लोकतंत्र के विरोध आचरण के खिलाफ भाजपा द्वारा देशव्यापी कार्यक्रम के तहत बुधवार को पटना में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला गया। यह मार्च कुर्जी अस्पताल से कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम तक निर्धारित था। कांग्रेस कार्यालय के निकट पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले उकसावे की कार्रवाई की और उसके बाद सुनियोजित तरीके से भाजपा के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर ईंट-पत्थरों तथा लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
कांग्रेस के इस हिंसक हमले में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं। घायल कार्यकर्ताओं को तत्काल विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
गंभीर रूप से घायल होने वालों में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, बलराम मंडल, उपेन्द्र सिंह, अभिषेक कुमार, सीतेश गुंजन सहित लगभग तीन दर्जन कार्यकर्ता शामिल हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी अस्पताल पहुंचे और सभी घायल कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने चिकित्सकों से इलाज की जानकारी ली तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध हर राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन कांग्रेस ने इस अधिकार का सम्मान करने के बजाय हिंसा का रास्ता अपनाकर अपनी लोकतंत्र विरोधी मानसिकता को उजागर किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस सुनियोजित हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विपक्ष लोकतांत्रिक संवाद के बजाय अराजकता और हिंसा की राजनीति में विश्वास करता है। भाजपा ऐसे कृत्यों की कड़ी निंदा करती है।
कांग्रेस के लोगों ने पहले से ही ईंट-पत्थर और डंडे जमा कर रखे थे और उसके बाद निहत्थे भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। इस हमले में भाजपा के 25 से अधिक कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई कार्यकर्ताओं के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, किसी के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है तो किसी के पैर में चोट लगी है।
दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि कांग्रेस के लोगों ने पत्रकारों को भी नहीं बख्शा। पत्रकारों पर भी हमला किया गया, जिसमें एएनआई के पत्रकार हैप्पी को भी चोट आई है। आम जनता को भी नुकसान पहुंचाया गया है।
दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में अराजकता का माहौल देखने को मिला, उसे पूरी दुनिया ने देखा। आज बिहार में भी कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उसी रास्ते पर चलते हुए अराजकता फैलाने का काम किया है। भारतीय जनता पार्टी इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करती है।
तरामंडल के पास भाजपा नेता सुशांत कुमार सिंह सहित कई विधायकों की गाड़ी को भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया और गाड़ी को पलटने का प्रयास किया गया। गाड़ी में मौजूद लोगों को भी गंभीर चोटें आई हैं।
पूरे पटना में कांग्रेस के लोगों द्वारा अराजकता का माहौल पैदा करने का प्रयास किया गया। यहां तक कि भाजपा कार्यालय को भी निशाना बनाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय में घुसने का प्रयास किया और जब वे अंदर नहीं जा सके तो बाहर से कार्यालय पर पत्थरबाजी की।
इस विरोध मार्च में पूर्व केंद्रीय मंत्री सैय्यद शाहनवाज हुसैन, पूर्व मंत्री मंगल पांडे, विधायक संजीव चौरसिया, संजय गुप्ता, रंजन कुमार, आनंद मिश्रा, सुजीत पासवान, विनय सिंह, विधान पार्षद अनामिका सिंह पटेल, हरिभूषण ठाकुर बचौल, संतोष रंजन राय, प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर, सरोज रंजन पटेल, मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल, सह मीडिया प्रभारी प्रभात मालाकार, सुनील सेवक, प्रदेश प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल, नीरज कुमार, भारतेन्दु मिश्रा, सीमांत शेखर, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहीबूल हक, नौशाद अहमद, अनामिका पासवान सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान में विश्वास रखती है तथा किसी भी प्रकार की हिंसा से डरने वाली नहीं है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की हिंसक राजनीति का लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से जवाब दिया जाएगा तथा जनता के बीच सच्चाई को पूरी मजबूती से रखा जाएगा।
कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह लोकतंत्र नहीं, बल्कि गुंडागर्दी और हिंसा की राजनीति में विश्वास करती है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सुनियोजित हमला लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस के संरक्षण में पल रहे अराजक तत्वों ने जिस तरह पत्थरबाजी और लाठीचार्ज किया, उससे उनकी हताशा और जनसमर्थन खोने की बेचैनी साफ दिखाई देती है। भाजपा ऐसे कायराना हमले से न तो डरने वाली है और न ही अपने लोकतांत्रिक संघर्ष से पीछे हटने वाली है। दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाकर ही दम लिया जाएगा।



