
पार्टी प्रमुख श्री उमेश सिंह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि यह लोकतंत्र है उनका यह कदम लोक के सम्मान में उठाया गया है जो स्वागत योग्य कदम है लोक से बडा तन्त्र नहीं है लोकतंत्र में जो सरकार जनता के लिए इसी तरह सदैव खडी रहे उसे सुझबुझ वाली सरकार कहा जाएगा, उन्होंने कहा कि कुछ नामचीन दलों के अयोग्य नेता बोल रहे हैं की युवा के इन्कलाब से डर गई उन्हें पता ही नहीं है कि लोकतंत्र में युवा देश और उनका भी मालिक हैं सरकार भी उनकी है इसलिए सरकार झुकी नहीं बल्कि अपने मालिक के आदेश का पालन किया है जो स्वागत योग्य कदम है, उन्होंने छात्रों से बोले की बहुत ज्यादा खुश नहीं होना है ये सरकार भी आप सबों की है संयमित और धैर्य बनाए रखे यह समय लोकतंत्र के रिफौम का चल रहा है,सभी दलों के नेताओं और निर्वाचित सदस्यों से समान रुप से दूरी बनाकर रहे, लोकतंत्र में जनता मालिक है यह बात निर्वाचित सदस्यों को समझना होगा,बाप प्रमुख ने सभी छात्रों से आग्रह किया है कि परिवारवादी दलों और उसके नेताओं के झासे में न आए वे सभी सिर्फ अपने और अपने परिवार के चौतरफा विकास के लिए संकल्पित है और अपने समाप्त राजनीति को बल देने के लिए आप सबों के पास आए हैं इनके चलते ही लोकतंत्र सतर वर्षों में सिर्फ लोकतंत्र कमजोर ही हुआ है ,उनसे सभी आंदोलित छात्र को बचना चाहिए, उन्होंने ने सरकारों से आग्रह किया है कि जनता से अडे नहीं बल्कि तुरन्त उसका समाधान निकालने के लिए सक्रिय हो ताकि चौतरफा शान्ती स्थापित रहे वे आंदोलित छात्रों या कोई भी विषय पर आन्दोलन करने वाले लोगों से आग्रह किया है सरकारी सम्पत्ति को हरगिज छती न पहुंचाए क्योंकि वह आपकी सम्पत्ति है,(रमेश पासवान प्रवक्ता)


