प्रधानमंत्री के पिता पर टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ, खरगे का बयान कांग्रेस की बौखलाहट – डा0 निहोरा प्रसाद यादव

प्रधानमंत्री के पिता पर टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ, खरगे का बयान कांग्रेस की बौखलाहट – डा0 निहोरा प्रसाद यादव
26 अक्टूबर 2026, पटना।
जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता डा0 निहोरा प्रसाद यादव ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के खिलाफ उनका बयान राजनीतिक मर्यादा और आचरण के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राजनीति में शामिल या फिर सत्ता चला रहे लोगों के खिलाफ आलोचना हो सकती है, लेकिन उनके माता-पिता के खिलाफ टिप्पणी राजनीतिक पागलपन का उदाहरण है।
रविवार को पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पिताजी पर अमर्यादित टिप्पणी की, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के छोटे नेताओं की कौन कहे, पार्टी के बड़े नेता भी राजनीतिक सदाचार भूल गए जो कि कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है।
मल्लिकार्जुन खरगे खुद बुजुर्ग राजनेता हैं और एक ऐसे बुजुर्ग नेता जिसका कि लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है उसके द्वारा ऐसे शब्दों का इस्तेमाल उनकी राजनीतिक बौखलाहट को दर्शाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 80 साल से अधिक उम्र के मल्लिकार्जुन खरगे का दिमागी संतुलन गड़बड़ा गया है। ऐसे ही नेताओं एवं उनके बयान के चलते आज कांग्रेस का जनाधार पूरे देश में लगातार सिकुड़ता जा रहा है और लोगों का भरोसा कांग्रेस पार्टी पर से कम होता जा रहा है।
पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले दरभंगा में आयोजित राहुल गांधी की सभा के दौरान भी खुले मंच से प्रधानमंत्री की माताजी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई थी जिसका खामियाजा कांग्रेस को बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान करारी हार के तौर पर चुकाना पड़ा।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक विरोध होना स्वाभाविक है। पार्टियों के बीच नीतियों, योजनाओं एवं उनके क्रियान्वयन को लेकर विरोध आम है लेकिन इन विरोधों की आड़ में व्यक्तिगत टिप्पणियां कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
कांग्रेस पार्टी को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी बयानबाजियों की बजाए पार्टी को देश की असल समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाना चाहिए जिससे कि जनता के बीच पार्टी का भरोसा कायम हो सके।
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव



