लोकतंत्र और संविधान को तहस नहस करने वाले दले सत्ता से बाहर आने के बाद उसके मजबूती की चिंता करते दिखाई दे रहे हैं उमेश सिंह बाप प्रमुख

बाप प्रमुख उमेश सिंह ने कहा है कि इंडिया गठबंधन के द्वारा संविधान,लोकतंत्र बचाने की बात बेमानी सा लग रही है उन्होंने ने कहा जब सरकारों में रहे तो लोकतंत्रऔर संविधान को सदैव कुचलते रहें अब सत्ता से बाहर हो गए तो संविधानऔर लोकतंत्र बचाने की याद आ रही है, देश की जनता जागरुक हो गई हैबाप प्रमुख ने आगे कहा है कि जो दले अपने को धर्मनिरपेक्ष कहती रही हैं और वह सत्ता तक पहुच भी गई पर उसे धर्मनिरपेक्षता का मतलब समझ में नहीं आया और वे उसके साथ जस्टिस नहीं कर पाई ठीक उसी तरह इन्हें संविधानऔर लोकतंत्र की भी समझ नहीं है देश को अपना जागिर समझते हैं ये सभी दले संविधान इनके लिए कुछ भी नही,ये सत्ता तक पहुंचने के लिए कुछ भी कर सकते हैं उसका कोई भी सिमा नहीं है, उन्होंने ने कहा लोकतंत्र को बंधक बनाने वाले लोग लोकतंत्र को बचाने के लिए परेशान हैं और संविधान को अपने चौतरफा विकास के लिए संशोधन करने वाले उसे बचाने के लिए बेताब, देश एक सौ चालीस करोड़ जनता का इन दलों के नेताओं का नहीं इसलिए जनता समझ रही है उसी परिणाम विधान परिषद का चुनाव का रिजल्ट है (, रमेश पासवान राष्ट्रीय प्रवक्ता/



