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नीतीश कुमार के सात निश्चय 3.0 के तहत पर्यटन बना विकास और समृद्धि का प्रमुख इंजन – डा0 जितेंद्र कुमार

 

नीतीश कुमार के सात निश्चय 3.0 के तहत पर्यटन बना विकास और समृद्धि का प्रमुख इंजन – डा0 जितेंद्र कुमार

21 फरवरी 2026, पटना।

जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता डा0 जितेंद्र कुमार ने सोशल मीडिया संवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में बिहार पर्यटन के क्षेत्र में आज वैश्विक मानचित्र पर एक सशक्त और उभरते केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। विशेष रूप से राजगीर और गया को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार के सुनियोजित प्रयासों ने बिहार को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और इको-टूरिज्म हब के रूप में नई पहचान दिलाई है।

आंकड़े यह प्रमाणित करते हैं कि बिहार में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह राज्य आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरा है। राज्य सरकार ने धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण एवं आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दी है। सीतामढ़ी के पुनौरा धाम का पुनरुत्थान, मोकामा क्षेत्र में आस्था स्थलों का विकास तथा विभिन्न धार्मिक परिसरों को आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से सुसज्जित करना सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रामायण सर्किट, बौद्ध सर्किट, जैन सर्किट, सिख सर्किट, सूफी सर्किट और गांधी सर्किट के विकास ने बिहार को बहुआयामी आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया है।

राजगीर, जो प्राचीन मगध की राजधानी रहा है, आज इको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहाँ ग्लास ब्रिज, नेचर सफारी, जू सफारी, आधुनिक रोपवे, विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर तथा सुदृढ़ सड़क एवं होटल अवसंरचना का विकास किया गया है। राजगीर अब केवल तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि परिवार और युवा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है। इसी प्रकार गया को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहाँ स्थित महाबोधि मंदिर विश्व धरोहर स्थल के रूप में वैश्विक श्रद्धा का केंद्र है। विष्णुपद मंदिर क्षेत्र का व्यापक विकास, गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तार, स्वच्छता, प्रकाश एवं यातायात सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है।

इको-टूरिज्म के क्षेत्र में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, कैमूर पहाड़ियाँ और रोहतास क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन के साथ पर्यटन विकास का माॅडल प्रस्तुत किया गया है। पटना में विश्वस्तरीय संग्रहालय और बापू टावर जैसे प्रतीकात्मक स्थलों का निर्माण किया गया है। बिहार म्यूजियम राज्य की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक प्रस्तुति का उत्कृष्ट उदाहरण है। नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना ने बिहार की बौद्धिक परंपरा को वैश्विक स्तर पर पुनर्जीवित किया है। ‘सात निश्चय 3.0’ के अंतर्गत पर्यटन को रोजगार सृजन का प्रमुख इंजन बनाने का संकल्प लिया गया है। बुनियादी ढांचे का विस्तार, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा स्मार्ट सिटी माॅडल के माध्यम से राजगीर और पटना को विश्वस्तरीय पर्यटन शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है।

बिहार ने यह सिद्ध कर दिया है कि सुशासन, पारदर्शिता और जनभागीदारी के बल पर विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है। पर्यटन केवल विरासत का संरक्षण नहीं, बल्कि आर्थिक समृद्धि और सामाजिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम है। आने वाले वर्षों में बिहार पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा और रोजगार सृजन में अग्रणी राज्य बनेगा।

(अशोक कुमार)

कार्यालय सचिव

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