
भ्रष्टाचार की आशंका और सुरक्षित राजनीति की तलाश, तेजस्वी का नया राजनीतिक दांव – मनीष यादव
28 फरवरी 2026, पटना।
जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता श्री मनीष यादव ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष एक बार फिर राजनीतिक नैतिकता और जवाबदेही से बचने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे राज्यसभा का रास्ता तलाश रहे हैं, उससे साफ संकेत मिलता है कि उन्हें अपने कृत्यों और संभावित कानूनी परिणामों का आभास है। बिहार की जनता सब देख और समझ रही है कि आखिर तेजस्वी यादव को अचानक विधानसभा की राजनीति छोड़कर सुरक्षित राजनीतिक शरण लेने की जरूरत क्यों महसूस हो रही है।
बिहार ने अतीत में भी परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति का खामियाजा भुगता है। जब लालू प्रसाद यादव को जनता ने सेवा का अवसर दिया, तो राज्य को विकास नहीं बल्कि घोटालों की फेहरिस्त मिलीं। सजा होने पर सत्ता को परिवार के भीतर ही हस्तांतरित कर दिया गया और राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया गया। आज वही इतिहास खुद को दोहराता नजर आ रहा है।
अगर राघोपुर से परिवार के किसी सदस्य को आगे कर नेतृत्व सुरक्षित रखने की तैयारी है, तो यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि राष्ट्रीय जनता दल में लोकतंत्र नहीं, बल्कि वंशवाद सर्वोपरि है। बिहार की जनता अब परिवार आधारित राजनीतिक संरक्षण और कानूनी जवाबदेही से बचने की रणनीतियों को स्वीकार करने वाली नहीं है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आज जिन दलों से तेजस्वी यादव समर्थन की आशा कर रहे हैं, उन्हीं को चुनाव के समय अपमानित कर दरवाजे पर खड़ा रखा गया था। तब संवाद और सहयोग की आवश्यकता महसूस नहीं हुई, लेकिन आज राजनीतिक मजबूरी ने रुख बदल दिया है। यह अवसरवादिता की पराकाष्ठा है।
बिहार की राजनीति अब पारदर्शिता, विकास और सुशासन के आधार पर आगे बढ़ेगी। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा, परिवारवादी सोच और भ्रष्टाचार के साये में पलने वाली राजनीति को जनता बार-बार नकार चुकी है और आगे भी नकारती रहेगी
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव



