महान सम्राट अशोक की 2370वीं जयंती समारोह, सम्राट अशोक रत्न अवार्ड सह भव्य रथ यात्रा कार्यक्रम का आयोजन
राष्ट्रीय अध्यक्ष नागमणि कुशवाहा ने महान सम्राट अशोक के शासन काल को बताया स्वर्ण युग


प्रेस विज्ञप्ति
महान सम्राट अशोक की 2370वीं जयंती समारोह, सम्राट अशोक रत्न अवार्ड सह भव्य रथ यात्रा कार्यक्रम का आयोजन
– महान सम्राट अशोक की 2370 वीं जयंती समारोह में शामिल हुए हजारों लोग
– महान सम्राट अशोक के जयंती पर रविन्द्र भवन में कार्यक्रम आयोजित
– महान सम्राट अशोक की 2370 वीं जयंती समारोह पर अशोकमय हुई राजधानी
– राष्ट्रीय अध्यक्ष नागमणि कुशवाहा ने महान सम्राट अशोक के शासन काल
को बताया स्वर्ण युग
पटना। अखिल भारतीय युवा कुशवाहा समाज (भारत) के तत्वावधान में महान सम्राट अशोक की 2370वीं जयंती समारोह, सम्राट अशोक रत्न अवार्ड सह भव्य रथ यात्रा रविन्द्र भवन, वीरचंद पटेल पथ, पटना में आयोजन किया गया। रथ यात्रा का शुभारंभ बुद्ध परम्परा के अनुसार बौद्ध भिक्खु प्रज्ञादीप एवं उमेश सिंह कुशवाहा, प्रदेश अध्यक्ष, जदयू सह विधायक महनार के द्वारा किया गया। जयंती समारोह का उद्घाटन सम्राट चौधरी उप-मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री, बिहार सरकार के द्वारा महान सम्राट अशोक के तैल चित्र पर मल्याणपर्ण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा, विधायक सतना (मध्य प्रदेश),भगवान सिंह कुशवाहा पूर्व मंत्री सह विधायक, जयन्त राज कुशवाहा पूर्व मंत्री सह विधायक, रामेश्वर कुमार महतो, विधायक, गुरूदयाल सिंह सैनी, पूर्व सांसद कुरूक्षेत्र (हरियाणा), श्रीपाल सैनी, मदन कुशवाहा, मोती बाबा फुले, हरजीत सिंह लोैंगिया, विनोद सैनी, तरुण सैनी,समेत कई माननीय, गणमान्य अतिथि एवं संगठन के हजारों पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता नागमणि कुशवाहा राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय युवा कुशवाहा समाज (भारत), मंच संचालन राष्ट्रीय सलाहकार डाॅ. मुकेश कुमार एवं स्वागत प्रदेश अध्यक्ष, बिहार हरिओम कुशवाहा ने किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नागमणि कुशवाहा ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की भाॅंति इस वर्ष भी जयंती मनाने का मूल उद्देश्य फिर से अखण्ड भारत का निर्माण एवं विश्व के आम नागरिकों के बीच आपसी भाईचारा, प्रेम और सौहार्द को बढ़ावा देना है। साथ ही कहा कि सम्राट अशोक की नीतियों को अपनाकर भारत देश विश्व गुरु बन सकता है। श्री कुशवाहा ने कहा कि सम्राट अशोक के रास्ते से भटकने के कारण ही भारत गुलाम एवं खण्ड-खण्ड हुआ। आज जागृति आ रही है। आज सम्पूर्ण भारत सम्राट अशोक के नारों से गुंज रहा है। जनभावना का आदर करते हुए केन्द्र सरकार को बिहार की तर्ज पर चैत्र शुल्क पक्ष अष्ठमी को एक दिन का राष्ट्रीय अवकाश एवं राष्ट्रीय समारोह घोषित कर देना चाहिए। साथ ही श्री कुशवाहा ने कहा कि विश्व युद्ध की विभिषिका की ओर बढ़ रहे देशों में शांति के लिए हमें फिर से सम्राट अशोक की नीतियों को अपनाना होगा। राष्ट्रीय सलाहकार डाॅ. मुकेश कुमार ने कहा कि भारत सरकार सम्राट अशोक के प्रतीक चिन्हों को भारत गौरव के रुप में विश्व पटल पर संदेश देने का काम करे। भारतीय मुद्रा (रुपया) पर पुनः अशोक स्तम्भ को प्रेषित करें। बिहार प्रदेश अध्यक्ष हरिओम कुशवाहा ने कहा कि शक्तिशाली राष्ट्र निर्माण के लिए अशोक शासन व्यवस्था जरुरी है। आगत अतिथियों का अभिनन्दन राष्ट्रीय अध्यक्ष, नागमणि कुशवाहा ने पंचशील, अंग वस्त्र एवं सम्राट अशोक का प्रतीक चिन्ह प्रदान कर स्वागत, अभिनन्दन किया। सम्राट अशोक जयंती के अवसर पर सम्राट अशोक रत्न अवार्ड एवं प्रशस्ति पत्र से श्रीपाल सिंह सैनी, विनोद सैनी, मनिंदर सिंह सैनी, ई. के डी मौर्य एवं गुरु दयाल सिंह सैनी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चन्द्रभान सिंह कुशवाहा, सुरेश प्रसाद, राष्ट्रीय सचिव मनोज कुशवाहा, प्रीतम कुमार, जिलाध्यक्ष अजीत कुमार वर्मा, पृथ्वी राज भारत, राजेश कुशवाहा, जगदीश मेहता, सुभाष कुमार कुशवाहा, मुन्ना कुमार महतो, रणधीर कुमार कुशवाहा समेत हजारों की संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग शामिल हुए। महान सम्राट अशोक जयंती के पावन अवसर पर पधारे गणमान्य लोगों के माध्यम से देश की एकता अखंडता एवं सहिष्णुता को बरकरार रखने हेतु कुछ प्रस्ताव पारित करने का प्रस्ताव साथियों की ओर से आया है, जो निम्न प्रकार है –
(1) पटना का नाम पाटलिपुत्र किया जाए।
(2) पटना गाँधी मैदान में जो मौर्यवंश कालीन सैन्य प्रशिक्षण स्थल रहा है, इसलिए पटना गाँधी मैदान में किसी स्थल पर महान सम्राट अशोक स्तम्भ या विशालकाय आदमकद मूर्ति का निर्माण कराया जाए।
(3) कुम्हरार पार्क में जमीन के नीचे दबे सम्राट अशोक किला की प्रतिमूर्ति का निर्माण किया गया था। अपने पुराने स्वरूप को जनता के दर्शनार्थ के लिए फिर से मिट्टी हटाकर प्रदर्शित कराया जाए।
(4) पटना के गंगा नदी के किनारे (जे.पी. गंगा पथ के पास) होने वाले विकसित पार्क में 100 फीट ऊँची महान सम्राट अशोक की आदमकद प्रतिमा का निर्माण कराया जाए।
(5) अखण्ड भारत कालीन चारों गणराज्य की स्वतंत्र पहचान बनायी जाए एवं वहाँ सम्राट अशोक संग्रहालय का निर्माण कराया जाए।
(6) पटना में सम्राट अशोक शोध संस्थान की स्थापना की जाए।
(7) पटना में सम्राट अशोक के नाम पर एक विशाल पुस्तकालय की स्थापना की जाए।
(8) सम्राट अशोक कन्वेंशन सेन्टर, पटना के अंदर महान सम्राट अशोक की बड़े प्रतिमा का निर्माण कराया जाए।
(9) बिहार के सभी शैक्षणिक संस्थानों में जयंती के दिन अवकाश घोषित की जाए। एवं एक सप्ताह पूर्व विद्यालयों में जयंती समारोह पखवारा मनाया जाए।
(10) राष्ट्रीय अवकाश एवं राष्ट्रीय समारोह भारत सरकार घोषित करें।
(11) बिहार की राजधानी पटना से सटे बिहटा या सोनपुर (सारण) में बन रहे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम सम्राट अशोक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के नाम से नामकरण किया जाए।
(12) दक्षिण बिहार विश्वविद्यालय का नाम सम्राट अशोक दक्षिण बिहार विश्वविद्यालय किया जाए।
(13) पटना के सभी प्रमुख प्रवेश स्थलों पर भव्य सम्राट अशोक द्वार बनवाया जाए।
(14) सोनपुर, सारण (बिहार) में प्रस्तावित आई.टी पार्क का नाम सम्राट अशोक आई.टी. पार्क के नाम से नामकरण किया जाए।
(15) भारत देश की राजधानी दिल्ली में सम्राट अशोक के नाम पर 25,000 क्षमता का बड़ा सभागार का निर्माण कराया जाए।



