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पीएम मोदी के विरोध में अंधा विपक्ष,नारी शक्ति के अधिकारों पर किया सीधा और निर्मम प्रहार — संजय सरावगी*

*प्रेस विज्ञप्ति*

*पीएम मोदी के विरोध में अंधा विपक्ष,नारी शक्ति के अधिकारों पर किया सीधा और निर्मम प्रहार — संजय सरावगी*

*महिलाओं को अधिकार देने के ऐतिहासिक अवसर पर भी सियासत करता रहा विपक्ष -संजय सरावगी*

*नारी सम्मान का ढोंग, संसद में विरोध — विपक्ष का दोहरा चरित्र पूरी तरह बेनकाब-संजय सरावगी*

*नारी शक्ति को निर्णय लेने से रोकने की साजिश — विपक्ष की संकीर्ण सोच उजागर-संजय सरावगी*

*गंभीर राष्ट्रीय मुद्दे पर भी मजाक — राहुल गांधी का गैर-जिम्मेदाराना और असंवेदनशील रवैया -संजय सरावगी*

पटना, 17 अप्रैल — लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल के पारित नहीं हो पाने पर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय सरावगी ने विपक्ष पर तीखा और व्यापक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों, सम्मान और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

श्री सरावगी ने कहा,

“विपक्ष प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विरोध में इतना अंधा हो चुका है कि वह नारी शक्ति को मिल रहे ऐतिहासिक अधिकारों को भी छीनने पर उतारू हो गया है। यह सीधा-सीधा महिलाओं को नीति-निर्धारण की प्रक्रिया से दूर रखने की साजिश है, जिसे देश कभी स्वीकार नहीं करेगा।”

उन्होंने कहा कि यह बिल केवल एक कानून नहीं, बल्कि भारत की महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और नीतिगत स्तर पर सशक्त बनाने का मजबूत माध्यम था।

जब देश की आधी आबादी को बराबरी का अधिकार देने की बात हो रही थी, तब सभी दलों को मिलकर इसे सर्वसम्मति से पारित करना चाहिए था। लेकिन विपक्ष ने अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के चलते इस ऐतिहासिक अवसर को भी गंवा दिया, उन्होंने कहा।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज देश की हर महिला यह देख रही है कि कौन उनके अधिकारों के लिए खड़ा है और कौन अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण उनके रास्ते में बाधा बन रहा है।

विपक्ष का असली चेहरा अब पूरी तरह उजागर हो चुका है। नारी सम्मान की बातें करना और संसद में उसके खिलाफ खड़ा होना — यह उनकी दोहरी राजनीति का सबसे बड़ा प्रमाण है, उन्होंने जोड़ा।

श्री सरावगी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा,

जब पूरा देश इस गंभीर और ऐतिहासिक विषय पर चर्चा कर रहा था, तब राहुल गांधी का इस पर मजाक करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह महिलाओं के प्रति उनकी सोच और संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने आगे कहा कि आज की भारतीय महिलाएं केवल प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व नहीं चाहतीं, बल्कि वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार हैं।

यह समय की मांग है कि महिलाओं को उनका उचित अधिकार मिले और जो दल इसे जितनी जल्दी समझेंगे, वही जनता के बीच टिक पाएंगे, उन्होंने कहा।

श्री सरावगी ने कहा,

इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का स्पष्ट प्रावधान था। इसके बावजूद विपक्ष का विरोध यह दर्शाता है कि वे नारी शक्ति के सशक्तिकरण से असहज हैं और उन्हें आगे बढ़ते देखना नहीं चाहते।

देश की नारी शक्ति अब सब समझ चुकी है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव कदम उठाती रहेगी।

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