
प्रकाशनार्थ/प्रसारणार्थ
युवा, किसान और महिला सशक्तिकरण का बजट, 2026-27 में बिहार के उज्ज्वल भविष्य की नींव – जद (यू)
04 फरवरी 2026, पटना।
जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अंजुम आरा एवं मीडिया पैनलिस्ट श्री किशोर कुणाल ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार सरकार द्वारा प्रस्तुत 2026-27 का आम बजट राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जिसका कुल आकार ₹3.47 लाख करोड़ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग ₹30 हजार करोड़ अधिक है। यह बजट स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार बिहार को विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय के नए शिखर पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस बजट का केंद्र बिंदु बिहार का युवा वर्ग है। राज्य सरकार ने 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ रोजगार अवसर सृजित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को एक साथ जोड़ते हुए हर जिले में मेगा स्किल सेंटर, 149 आईटीआई को सेंटर आॅफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने तथा रोजगार सहायता के लिए ई-निबंधन एवं रोजगार पोर्टल शुरू करने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि ये मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की नीतियों का ही परिणाम है कि आज बिहार के लोगों की प्रति व्यक्ति आय में रिकाॅर्ड बढ़ोतरी हुई है। बिहार देश में सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है और राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 76 हजार रुपये हो गई है। आज बिहार देश के तेज आर्थिक विकास दर वाले राज्यों में शामिल है उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राज्य की विकास दर 13.1 फीसदी है जो कि राष्ट्रीय औसत 7.6 फीसदी से काफी ज्यादा है।
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार सरकार का यह बजट सामाजिक न्याय की भावना को भी मजबूती से आगे बढ़ाता है। अनुसूचित जाति वर्ग के लिए ₹19,603.02 करोड़ और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए ₹1,648.42 करोड़ का प्रावधान कर यह संदेश दिया गया है कि विकास की मुख्यधारा में समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
किसानों के हित में यह बजट एक नई उम्मीद लेकर आया है। कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि की शुरुआत से किसानों को हर साल ₹3,000 की अतिरिक्त सहायता मिलेगी, जिससे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के ₹6,000 को मिलाकर कुल ₹9,000 की वार्षिक सहायता सुनिश्चित होगी। दलहन, तिलहन, मक्का, फल और सब्जी उत्पादन को दोगुना करने, हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने और एग्री-स्टार्टअप को बढ़ावा देने का स्पष्ट रोडमैप इस बजट में दिखाई देता है।
महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार सरकार का यह बजट मील का पत्थर है। राज्य में 1.56 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं। पहले से दी जा चुकी ₹10,000 की सहायता के अलावा अब व्यवसाय विस्तार के लिए ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता या ऋण का प्रावधान किया गया है। जीविका माॅडल को रोजगार का मुख्य आधार बनाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
कुल मिलाकर, यह बजट न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि बिहार के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी रखता है। जनता के विश्वास और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।
(अशोक कुमार)
कार्यालय सचिव



