Trending Newsअपराधआस्थाट्रेंडिंगदरभंगादिल्लीदेशनौकरीपटनापश्चिमी चम्पारणपूर्वी चम्पारणप्रशासनबक्सरबिहारब्रेकिंग न्यूज़भोजपुरमुजफ्फरपुरराजनीतिराज्यरोहतासविचारवैशालीसीतामढ़ी

आईपीएस कांतेश कुमार मिश्रा (IPS Kantesh Kumar Mishra) 2015 बैच के एक कड़क और तेज-तर्रार भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। उन्होंने जनवरी 2026 में मुजफ्फरपुर (बिहार) के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) के रूप में पदभार संभाला है।

उनकी पृष्ठभूमि, पुलिस सेवा के काम और साहित्य से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

आईपीएस कांतेश कुमार मिश्रा (IPS Kantesh Kumar Mishra) 2015 बैच के एक कड़क और तेज-तर्रार भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। उन्होंने जनवरी 2026 में मुजफ्फरपुर (बिहार) के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) के रूप में पदभार संभाला है।

उनकी पृष्ठभूमि, पुलिस सेवा के काम और साहित्य से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

1. शुरुआती सफर और शिक्षा

* आईपीएस बनने से पहले उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक (B.Tech) की डिग्री ली और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में भी काम किया।

* उन्होंने पुलिस प्रबंधन (Police Management) में अपनी मास्टर डिग्री हासिल की है।

2. पुलिस सेवा में प्रमुख उपलब्धियां (Police Achievements)

* अपराध नियंत्रण (Crime Control): मुजफ्फरपुर का SSP बनने के बाद उन्होंने जिले में स्मार्ट पुलिसिंग लागू की है। स्थानीय लोगों के अनुसार उनके पदभार ग्रहण करने के बाद आपराधिक घटनाओं में काफी हद तक कमी आई है।

* भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: अनुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी नीति बेहद सख्त है। हाल ही में (अक्टूबर 2026), उन्होंने मुजफ्फरपुर के हथौड़ी थाने के एक ASI को केस में रिश्वत मांगने के आरोप में तुरंत सस्पेंड कर दिया था।

* बाहुबली विधायक के घर छापेमारी: 2019 में जब वे पटना के ग्रामीण एसपी (Rural SP) थे, तब वे उस पुलिस टीम का प्रमुख हिस्सा थे जिसने मोकामा के तत्कालीन बाहुबली विधायक अनंत सिंह के घर पर छापेमारी की थी। वहां से एके-47 (AK-47) बरामद हुई थी, और इस निडर कार्रवाई के लिए पूरे पुलिस महकमे में उनकी खूब तारीफ हुई थी।

* विभिन्न जिलों का अनुभव: मुजफ्फरपुर से पहले वे पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), औरंगाबाद, और पटना ग्रामीण के एसपी (SP) तथा सीआईडी (CID) पटना में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

3. साहित्यिक उपलब्धियां (वर्दी और साहित्य का संगम)

आईपीएस कांतेश मिश्रा केवल एक सख्त पुलिस अफसर ही नहीं, बल्कि एक बेहद संवेदनशील कवि और लेखक भी हैं। पुलिस की व्यस्त ड्यूटी के बाद बचे हुए समय में वे साहित्य को अपना वक्त देते हैं। उनकी अब तक 3 चर्चित पुस्तकें (काव्य संग्रह) प्रकाशित हो चुकी हैं:

* ‘पाटलिपुत्र की छांव से’: यह किताब उन्होंने पटना ग्रामीण एसपी रहते हुए लिखी थी, जिसमें गांव की यादों, मां के स्नेह और प्रकृति से जुड़े भावों का सुंदर वर्णन है।

* ‘मगध सा मन’: यह उनका दूसरा काव्य संग्रह है, जिसकी रचना उन्होंने औरंगाबाद में एसपी रहते हुए की थी।

* ‘इंद्रप्रस्थ के काश-पुष्प’: यह उनकी तीसरी और बहुत लोकप्रिय किताब है, जिसमें इंसानियत और जीवन से जुड़ी 97 कविताओं का संग्रह है।

कांतेश कुमार मिश्रा की सबसे बड़ी पहचान यही है कि वे एक हाथ में सख्त कानून और दूसरे हाथ में रचनात्मक साहित्य को बड़ी ही खूबी के साथ बैलेंस करते हैं।

3/5 - (2 votes)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button