विपक्ष के नेता को बजट सत्र से गायब रहना लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ठीक नहीं: संजय सरावगी

*विपक्ष के नेता को बजट सत्र से गायब रहना लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ठीक नहीं: संजय सरावगी
*भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विपक्ष के नेता के सदन से अनुपस्थित रहने पर कहा – ‘लगता है रुचि खत्म हो गई
*हार के बाद विपक्ष के नेता को जबरदस्त ‘शॉक’ लगा है: संजय सरावगी
*विकास के पैमाने पर जो आंकड़े आने चाहिए, उन सभी में बिहार आगे बढ़ा है: संजय सरावगी
पटना, 12 फरवरी। बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के बिहार बजट सत्र में शामिल न होने को लेकर कहा कि विपक्ष के नेता लगातार सदन से अनुपस्थित रहे हैं, यहां तक कि बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण सत्र में भी नजर नहीं आए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि विपक्ष के नेता लगातार गैरहाजिर रहे हैं। ऐसा लगता है कि उनकी रुचि खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तारीखें चुनाव परिणाम आने से पहले ही तय हो गई थीं। सरकार बनने के बाद पहले सत्र में भी विपक्ष के नेता अनुपस्थित रहे।
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ठीक नहीं बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद विपक्ष के नेता को जबरदस्त ‘शॉक’ लगा है। इनका सूपड़ा साफ हो गया। एक सीट से बच गए। एक सीट कम आती, तो विपक्ष के नेता भी नहीं बनते।
उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि विपक्ष के नेता को सदन में रहकर सरकार को राज्य के हित में कुछ सुझाव देना चाहिए था। लेकिन इन लोगों को कोई मतलब नहीं है। बिहार की जनता भी सब देख रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर केवल अभद्र बातें करना इन्हीं लोगों का काम रह गया है। आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार लगातार प्रगति कर रहा है। आर्थिक विकास में बिहार ने लंबी छलांग लगाई है।
उन्होंने कहा, “विकास के पैमाने पर जो आंकड़ा आना चाहिए, उन सभी आंकड़ों में बिहार देश के परिप्रेक्ष्य में आगे बढ़ता हुआ दिखाई पड़ रहा है। विपक्ष को इससे कोई मतलब नहीं है। केवल इनका काम विधानसभा में हल्ला करना और डिस्टर्ब करना है। इसे बिहार कभी स्वीकार नहीं करेगा।”



