
सत्ता में बैठे दलों के नेताओं को यह समझना चाहिए कि यह कुर्सी हमारे बाप का नहीं है, इतना प्यार कुर्सी से की ममता बनर्जी लगता है कि मानसिक सन्तुलन खो दिया है इस्तिफा नहीं क्यों देगी उसका भी हल है बाबा साहेब के संविधान में मोह त्यागना पड़ेगा, बाप प्रमुख श्री उमेश सिंह जी कहा है कि यह लोकतंत्र है और ममता बनर्जी को उसके मर्यादा को बचाते हुए संवैधानिक परम्परा के तहत जितना जल्दी हो सके इस्तीफा दे देना चाहिए, बिना इफ बट किए हुए क्योंकि आप बंगाल के जनता के मालिक नहीं नौकर है और जनता ने अपना नया नौकर चुन लिया है तो कार्यभार तो सौंपना ही पड़ेगा,(रमेश पासवान प्रवक्ता)



