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मछुआ सहकारी समितियों को सशक्त बनाएगी नाबार्ड।

मछुआ सहकारी समितियों को सशक्त बनाएगी नाबार्ड।
नाबार्ड द्वारा एक दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न।
पटना, 25 अगस्त 2025 : राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के बिहार क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा में पशुपालन एवं मत्स्य क्षेत्र पर केंद्रित राज्य स्तरीय एफपीओ सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में बिहार भर से 22 एफपीओ और कृषि उद्यमियों ने भाग लिया।
सम्मेलन में श्री रमेश चंद्र चौबे, बिहार राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष, बिहार ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक, कॉफ्फेड के प्रबंध निदेशक, श्री ऋषिकेश कश्यप, श्री अजय साहू, डीजीएम, नाबार्ड, श्री लक्षमण कुमार, डीजीएम, नाबार्ड, श्रीमती अनामिका, जीएम, कॉफ्फेड की निदेशक सिमरन, एसएलबीसी, नबकिसानए पशुपालन/मत्स्य क्षेत्र के एफपीओ सदस्य एवं कृषि स्टार्ट-अप्स के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

अपने स्वागत भाषण में नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री बिनय कुमार सिन्हा ने राज्य के पशुपालन/मछुआरो से संबंधित पृष्ठभूमि और समस्याओं पर चर्चा की और राज्य में मौजूदा कृषि संकट एवं किसानों की कठिनाइयों के समाधान में एफपीओ की भूमिका के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य सभी प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर लाना, सफलतम प्रयासों का आदान-प्रदान करना, समस्याओं की पहचान करना और एफपीओ के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने हेतु सामूहिक प्रयासों पर चर्चा करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एफपीओ राज्य के किसानों की अनेक चुनौतियों का व्यवहारिक और टिकाऊ समाधान प्रदान कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने टिकाऊ और प्रभावी एफपीओ के संवर्धन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उजागर किया।
कॉफ्फेड के प्रबंध निदेशक, ऋषिकेश कश्यप ने पीएमएमएसवाई योजना के तहत 35 एवं प्रधानमंत्री मत्स्य किसान सह समृद्धि योजना के तहत 105 एफएफपीओं को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों और उपलब्ध कराए गए विभिन्न सहयोगों की जानकारी दी। मछुआरों की मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड, समितियों को ऋण, तालाबों का अतिक्रमण, तालाबों की बंदोबस्ती, मछली का बीमा, मखाना निर्यात, मछली बाजार से संबंधित समस्याओं से सम्मेलन के प्रतिनिधियों को अवगत कराया साथ ही साथ समाधान हेतु बिहार राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष, बिहार ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक एवं नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंध से आग्रह किया।
सम्मेलन में शामिल विजयमल चौधरी निषाद, मंत्री, रामगढ़ प्रखड़ मत्स्यजीवी सहयोग समिति, राकेश कुमार, मंत्री, कौआकोल प्रखड़ मत्स्यजीवी सहयोग समिति, दिनेश सहनी, लालगंज प्रखड़ मत्स्यजीवी सहयोग समिति, देवमुनी चौधरी, नवीनगर प्रखड़ मत्स्यजीवी सहयोग समिति, फूलो चौधरी, खगड़िया प्रखड़ मत्स्यजीवी सहयोग समिति, निरंजन कुमार, नारायणपुर प्रखड़ मत्स्यजीवी सहयोग समिति एवं अन्य 16 एफपीओ ने अपनी यात्रा और अनुभव साझा किए और यह बताया कि एफपीओ को किस प्रकार एक व्यवहार्य व्यावसायिक इकाई के रूप में स्थापित किया जा सकता है जो अपने सदस्यों को आवश्यक प्रकार का संपूर्ण समर्थन देने में सक्षम हो। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
(सिमरन)
निदेशक, कॉफ्फेड
मो० 6204972018



