
पार्टी प्रमुख श्री उमेश सिंह जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के भाषण को अपने ऊपर लेने से बचें विपक्षी दलों के मुखिया इससे यह साबित हो रहा है कि प्रधानमंत्री जी दिमागी नक्सल के सफाया की घोषणा कर के आप सबों के दुखतीरथ पर हाथ रख दिया है अगर आप सब इसी तरह से रिएक्शन देते रहेंगे तो देश की जनता यह समझने पर मजबूर हो जाएगी की आप सभी ही दिमागी नक्सल है क्योंकि की उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है फिर भी आप सब भड़क रहे हैं मतलब आप सभी देश विरोधी ताकतों के साथ मिले हुए हैं वोट पाने के लिए बाप प्रमुख ने आगे कहा कि दिमागी नक्सल वहीं है जो राष्ट्र को चौतरफा कमजोर करने में लगा रहता हो तथा गद्दारों का मनोबल बढ़ता हो दिमाग से और अर्थ से भी ऐसा करने वाले लोग कोई भी हो किसी दल में हो उनका सफाया जरुरी है उन्होंने ने कहा कि दिमागी नकशल सभी सदनों में भी मौजूद हैं और यह बात सभी दले जान रही है जिनको प्रधानमंत्री की बात मिर्ची जैसी लगती है उनके बारे में देश को गंभीरता से सोचना चाहिए , भड़कने वाले नेता गण भी दिमागी नक्सल हो सकते और उनका सफाया राष्ट्र के चौतरफा मजबूती के लिए जरूरी है, उन्होंने ने कहा कि विपक्ष को सदैव जनहित के मुद्दों पर सरकार का विरोध शालिनता से करना चाहिए ताकि सरकार उसे मानने पर विवश हो जाएं पर ऐसा लगता है कि विपक्ष कोई भी मुद्दा हल कराने के लिए नहीं बल्कि उलझाने के लिए उठा रही है जो विपक्ष के नाकारात्मक सोच को दर्शा रहा है जो सही नहीं सभी दले सकारात्मक सोच के साथ राजनीतिक करें उन्होंने ने कहा कि दिमागी नक्सल सबसे खतरनाक होता है उसे पहले मारने चाहिए सरकारें,(रमेश पासवान राष्ट्रीय प्रवक्ता)



