तेजस्वी का कार्यकारी अध्यक्ष बनना राजद के राजनीतिक ‘ताबूत’ में अंतिम कील : संजय सरावगी
असफलता की पराकाष्ठा पर पहुंच चुके तेजस्वी को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी देना परिवार की मजबूरी: संजय सरावगी

*तेजस्वी का कार्यकारी अध्यक्ष बनना राजद के राजनीतिक ‘ताबूत’ में अंतिम कील : संजय सरावगी
*असफलता की पराकाष्ठा पर पहुंच चुके तेजस्वी को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी देना परिवार की मजबूरी: संजय सरावगी
*तेजस्वी यादव का कार्यकारी अध्यक्ष बनना परिवारवाद पर मुहर : संजय सरावगी*
पटना, 25 जनवरी। राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की घोषणा को लेकर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि तेजस्वी का कार्यकारी अध्यक्ष बनना राजद के राजनीतिक ताबूत में अंतिम कील साबित होगा।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के अब तक के जीवन को देखा जाए, तो उनकी उपलब्धि मात्र एक भ्रष्टाचार की रही है। इसके अलावा वे पढ़ाई से लेकर राजनीति तक में असफल रहे हैं। असफलता की पराकाष्ठा पर पहुंच चुके तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी देना परिवार की मजबूरी है
उन्होंने कहा कि राजद में अब्दुल बारी सिद्दीकी, जगदानन्द सिंह, उदय नारायण चौधरी जैसे वरिष्ठ और दिग्गज नेता हैं, लेकिन तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर राजद ने साबित कर दिया कि पार्टी में परिवारवाद की जड़ें काफी गहरी हैं।
भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाना उस पार्टी का आंतरिक मामला है, लेकिन जिस तरह इस निर्णय को लेकर विरोध का बिगुल अपने परिवार से ही बजा है, वह राजद के भविष्य के लिए सुखद संकेत नहीं है। राजद वास्तव में अब समाप्ति के लिए आगे बढ़ गई है।



