
कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाकर सियासी चेहरा चमकाने की कोशिश, तेजस्वी को नहीं मिला छात्र-युवाओं का समर्थन – उमेश सिंह कुशवाहा
तेजस्वी का राजनीतिक करियर दांव पर, बचाने के लिए अपना रहे तरह-तरह के हथकंडे – उमेश सिंह कुशवाहा
पटना, 19 अगस्त 2026
बिहार जद (यू) के मा0 प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने बुधवार को बयान जारी कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च को केवल चेहरा चमकाने का राजनीतिक हथकंडा करार दिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की डूबती राजनीतिक कश्ती और तेजी से खिसकते जनाधार से पूरा राजद खेमा घबराया हुआ है। बिहार की जनता के साथ-साथ राजद के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी तेजस्वी यादव की छवि एक पार्ट-टाइम और नाॅन-सीरियस राजनेता के रूप में बन चुकी है। इसी छवि को पाटने के विफल प्रयास के तौर पर राजभवन मार्च का आयोजन किया गया, लेकिन इससे राजद को कोई लाभ मिलने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता और छात्र-युवाओं के प्रति तेजस्वी यादव कितने गंभीर हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। जब सदन का महत्वपूर्ण सत्र चलता है, जनता की आवाज उठाने की बारी आती है और छात्र-युवा आंदोलन करते हैं, तब तेजस्वी यादव विदेश भ्रमण में व्यस्त और मदमस्त रहते हैं।
श्री कुशवाहा ने कहा कि तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च से छात्र-युवाओं ने पूरी तरह दूरी बना ली। मार्च में सभी जिलों से बुलाए गए राजद के राजनीतिक कार्यकर्ता ही मुख्य रूप से नजर आए। उन्होंने सवाल किया कि जिनका इतिहास रेलवे में नौकरी के बदले युवाओं से जमीन कब्जाने का रहा हो, वे आज किस मुंह से छात्र-युवाओं का हितैषी होने का नाटक कर रहे हैं?
उन्होंने कहा कि बिहार के छात्र और युवा जागरूक हैं। वे विपक्ष की दिग्भ्रमित करने वाली राजनीति का शिकार किसी भी कीमत पर नहीं बनेंगे। विपक्ष पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुका है और तेजस्वी यादव अपने रसातल में जाते राजनीतिक करियर को बचाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। उनके राजनीतिक आचार-विचार और व्यवहार से यह स्पष्ट हो चुका है कि वे गंभीर राजनेता नहीं हैं और राजनीति भी उनके बस की बात नहीं है।
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव



