
प्रेस विज्ञप्ति
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय/हस्तांतरण का मार्ग होगा प्रशस्त
विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद हटेगी रोक, सुनियोजित शहरी विकास को मिलेगी गति
पटना, दिनांक- 29.07.2026
राज्य सरकार ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों के सुनियोजित एवं संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के उपरांत अधिसूचित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर लगी रोक को विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद हटाने का निर्णय लिया गया है। इससे आम नागरिकों, भू-स्वामियों तथा निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी और सैटेलाइट शहरों के विकास को नई गति प्राप्त होगी।
ज्ञातव्य है कि नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में मास्टर प्लान (पटना के लिए जोनल प्लान) अधिसूचित किए जाने तक भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण, भूमि विकास तथा भवन निर्माण पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद भू-स्वामियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 19 जून 2026 के विभागीय संकल्प द्वारा बिहार राज्य आवास बोर्ड को भू-स्वामियों से भूमि क्रय करने के लिए अधिकृत किया गया।
वर्तमान में राज्य सरकार इन सैटेलाइट शहरों के मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने के साथ-साथ विकास योजना (डेवलपमेंट प्लान) तैयार करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कर रही है। विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद भूमि उपयोग, आधारभूत संरचना, सार्वजनिक स्थलों के विकास तथा भवन निर्माण से संबंधित सभी गतिविधियाँ सुव्यवस्थित रूप से संचालित होंगी।
प्रस्तावित बिहार नगर विकास प्राधिकरण विकास योजना एवं विकास नियंत्रण विनियमन (डीसीआर) के अनुरूप भूमि विकास एवं भवन निर्माण गतिविधियों का नियमन करेगा। साथ ही, विकास योजना लागू होने के साथ ही सरकार द्वारा भू-अर्जन, भूमि क्रय तथा लैंड पुलिंग जैसी प्रक्रियाएँ भी प्रारंभ की जाएंगी। इस कारण भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर लगी रोक हटने से सैटेलाइट शहरों के विकास में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होगी।
निर्णय के अनुसार अधिसूचित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहरों में विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के पश्चात भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर लगी रोक समाप्त कर दी जाएगी। यदि प्रारूप विकास योजना के प्रकाशन के बाद यह पाया जाता है कि रोक हटाने से विकास कार्यों में कोई व्यावहारिक बाधा नहीं आएगी, तो बिहार नगर विकास प्राधिकरण अंतिम प्रकाशन से पूर्व भी इस संबंध में आवश्यक निर्णय ले सकेगा।
राज्य सरकार का यह निर्णय सुनियोजित शहरीकरण, पारदर्शी भूमि प्रबंधन तथा आधुनिक आधारभूत संरचना के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भू-स्वामियों के हितों की रक्षा होने के साथ-साथ निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और बिहार के प्रस्तावित सैटेलाइट शहरों के समग्र एवं सतत विकास का मार्ग और अधिक सुगम होगा।



