
- बयानबाजी नहीं, जनसमर्थन से तय होगी जीत- आठ सीटों पर एनडीए का क्लीन स्वीप तय – जद (यू)
21 अक्टूबर 2026, पटना।
जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता डा0 अनुप्रिया यादव, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती पूजा पैट्रिक और प्रदेश प्रवक्ता श्री चंदन कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी आठ सीटों पर एनडीए पूरी मजबूती और आत्मविश्वास के साथ चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एनडीए इन सभी आठ सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चुनाव मैदान में उतरा है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग चुनावी मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय अमर्यादित बयानबाजी के जरिए अपनी राजनीतिक कुंठा निकालने में लगे हैं।
उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए समर्थित जद (यू) उम्मीदवार श्री नीरज कुमार के स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशीलता और मानवीय मर्यादा का परिचय देने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियां करना किस तरह की राजनीति है? वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन बीमारी को राजनीतिक कटाक्ष का विषय बनाना न तो स्वस्थ राजनीतिक परंपरा है और न ही सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के अनुरूप।
उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारों का विरोध होना चाहिए ना कि व्यक्तिगत। पार्टी श्री नीरज कुमार के जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करती है।
मीडिया में कुछ पार्टी विरोधी लोगों की अनर्गल बयानबाजी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग महज सुर्खियां पाने के लिए ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं, उन्हें पहले अपनी राजनीतिक स्थिति और बयानबाजी के उद्देश्य को स्पष्ट करना चाहिए। पार्टी से निष्कासित व्यक्ति की व्यक्तिगत टिप्पणियों को पार्टी की नीति, विचारधारा या संगठन की प्रतिबद्धता से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। पार्टी का अनुशासन सर्वोपरि है और संगठन से बाहर किए जा चुके व्यक्ति के बयानों से जद (यू) की राजनीतिक दिशा तय नहीं होती। सवाल यह है कि उनकी बयानबाजी का उद्देश्य किसी गंभीर राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा करना है या केवल विवाद खड़ा करके अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना है?
सार्वजनिक जीवन में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन उस अधिकार के साथ राजनीतिक मर्यादा और जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
उन्होंने कहा कि एनडीए का चुनावी मुकाबला किसी की बयानबाजी से नहीं, बल्कि मतदाताओं के विश्वास और जनसमर्थन से तय होगा। बिहार विधान परिषद की स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठों सीटों पर एनडीए पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ रहा है। हमारी प्राथमिकता स्नातक मतदाताओं, शिक्षकों और शिक्षित युवाओं से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाना है। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों का सम्मान, युवाओं के रोजगार के अवसर और निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याएं हमारे लिए वास्तविक मुद्दे हैं। जनता यह देख रही है कि कौन चुनाव के समय केवल बयान दे रहा है और कौन जनता के बीच जाकर उसकी समस्याओं को समझने और समाधान की बात कर रहा है।
कुछ लोगों को शायद यह गलतफहमी है कि विवादित बयान देकर चुनावी माहौल को प्रभावित किया जा सकता है। लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला सोशल मीडिया की टिप्पणियां या राजनीतिक कटाक्ष नहीं, बल्कि मतदाता करते हैं। बयानबाजी से सुर्खियां मिल सकती हैं, लेकिन जनसमर्थन हासिल करने के लिए जनता के बीच काम करना पड़ता है।
बिहार विधान परिषद की स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी आठ सीटों पर एनडीए जीत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। जो लोग बयानबाजी को ही राजनीति समझते हैं, उन्हें चुनाव परिणाम बताएगा कि लोकतंत्र में शोर से ज्यादा महत्व जनसमर्थन का होता है।
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव



