
लालू-राबड़ी राज में महिलाएं थीं असुरक्षित, नीतीश सरकार में बन रही हैं आत्मनिर्भर – उमेश सिंह कुशवाहा
कानून-व्यवस्था पर सीएम नीतीश की ‘जीरो टाॅलरेंस’ नीति, विपक्ष अपनी गिरेबान में झांके – उमेश सिंह कुशवाहा
09 फरवरी 2026, पटना।
बिहार जद (यू) के मा0 प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि विपक्ष को कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। वर्ष 2005 के बाद मा0 मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपराध के खिलाफ सख्त रुख, त्वरित कार्रवाई, मजबूत पुलिस व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने जैसे ठोस कदम उठाए गए, जिससे प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। साथ ही, महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर उनकी दूरदर्शी दृष्टि अनुकरणीय और प्रशंसनीय रही है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजद को अपने अतीत में जरूर झांकना चाहिए, जब महिलाएं सत्ता-पोषित अपराधियों के भय से चैखट के बाहर कदम नहीं रख पाती थीं। असुरक्षा का माहौल ऐसा था कि बेटियों का स्कूल-काॅलेज जाना भी दूभर हो गया था। अपराधियों का बोलबाला इस कदर था कि थानों में मुकदमे दर्ज नहीं होते थे। इसके विपरीत आज की परिस्थिति बिल्कुल बदल चुकी है। मौजूदा सरकार किसी भी घटना के बाद समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करती है और दोषियों को शीघ्र सलाखों के पीछे पहुंचाती है। दरभंगा की घटना में भी आरोपित को चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जो सरकार की संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि अपराध के विरुद्ध ‘जीरो टाॅलरेंस’ नीति के साथ-साथ बेटियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण नीतीश सरकार की प्राथमिकता रही है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का ही परिणाम है कि महिलाएं शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लालू-राबड़ी के 15 वर्षों के शासनकाल में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर कोई ठोस और दूरगामी नीति नहीं बनाई गई। उनकी राजनीति परिवार हित तक सीमित रही।
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव



