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सब माया है’ का ज्ञान आ गया है तो बंगले की माया भी छोड़िए – नीरज कुमार

  1. सब माया है’ का ज्ञान आ गया है तो बंगले की माया भी छोड़िए – नीरज कुमार
    06 जुन 2026, पटना।
    जद (यू) विधान परिषद साहब मुख्य प्रदेश प्रवक्ता श्री नीरज कुमार ने कहा कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष श्रीमती राबड़ी देवी को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों को किसी विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत वापस नहीं किया है, बल्कि केवल उन्हें जाने के लिए कहा है। भाषागत रूप से ‘‘वापस जाओ’’ कहना और विधिवत सुरक्षा लौटाना दोनों अलग-अलग बातें हैं।

    उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राबड़ी देवी जी को अब यह एहसास होने लगा है कि संसार की सारी भौतिक वस्तुएं, पद और प्रतिष्ठा क्षणभंगुर हैं। प्रसिद्ध शायर फैज की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा –
    ‘‘सब माया है, सब ढलती फिरती छाया है…’’
    सनातन दर्शन एवं श्रीमद्भगवद्गीता में ‘माया’ को भ्रम और मोह का प्रतीक बताया गया है। जब व्यक्ति पद, संपत्ति, सत्ता और सुविधाओं को ही जीवन का अंतिम सत्य मान लेता है, तब वह मोह के चक्र में फंस जाता है।
    उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि वास्तव में राबड़ी देवी जी को ‘माया’ का बोध हो गया है, तो उन्हें केवल सुरक्षा कर्मियों को लौटाने का नाटक नहीं करना चाहिए, बल्कि सरकारी बंगला, सरकारी सुविधाएं, बुलेटप्रूफ वाहन, कैबिनेट मंत्री के समकक्ष प्राप्त सुविधाएं तथा अन्य विशेषाधिकार भी त्याग देने चाहिए।

    उन्होंने कहा कि पटना में सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति होने के बावजूद यदि वे त्याग और वैराग्य का संदेश देना चाहती हैं, तो अपने वेतन एवं अन्य सुविधाओं को अनाथालयों, वृद्धाश्रमों तथा जनकल्याण के कार्यों में दान कर समाज के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सकती हैं।

    साथ ही उन्होंने राजद समर्थकों को आगाह करते हुए कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में लाठी, डंडा, भाला जैसे घातक हथियारों के साथ प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार नहीं, बल्कि कानून का उल्लंघन है। भारतीय न्याय संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत ऐसे गैर-कानूनी जमावड़े में शामिल होने पर दो वर्ष तक की सजा, जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है

    उन्होंने प्रश्न किया कि जो नेता अपने समर्थकों को लाठी लेकर सड़क पर उतरने के लिए उकसा रहे हैं, क्या वे उनके विरुद्ध दर्ज होने वाले मुकदमों, जेल और कानूनी परिणाम की जिम्मेदारी भी लेने को तैयार हैं?

    (संजय कुमार सिन्हा)
    कार्यालय सचिव

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