
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए सी.ई.पी.टी. की विशेषज्ञता का मिलेगा साथ बेहतर शहर, नीतीश मिश्रा
*पटना, दिनांक 13 जुलाई 2026:
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि राज्य में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के सुनियोजित विकास एवं विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीईपीटी) सलाहकार फाउंडेशन, सीईपीटी विश्वविद्यालय, अहमदाबाद का तकनीकी सहायता इकाई के रूप में चयन किया है।
श्री मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चैधरी जी के नेतृत्व में राज्य सरकार ऐसे आधुनिक शहरी केंद्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो बेहतर आधारभूत संरचना, नियोजित आवास, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं तथा आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर उपलब्ध कराएँ। इसी उद्देश्य से सीईपीटी विश्वविद्यालय जैसी राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ संस्था का सहयोग लिया जा रहा है।
मंत्री श्री मिश्रा ने कहा कि सीईपीटी देश की अग्रणी संस्थाओं में से एक है, जिसे शहरी नियोजन, आधारभूत संरचना विकास एवं सतत् शहरीकरण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। इसके सहयोग से राज्य में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं की योजना निर्माण, रणनीतिक मार्गदर्शन, तकनीकी परामर्श तथा गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि तकनीकी सहायता इकाई परियोजनाओं के रणनीतिक निरीक्षण, नीतिगत सहयोग, कार्यान्वयन की निगरानी, नियामकीय एवं संस्थागत सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच कार्यक्रम स्तर पर समन्वय एवं अभिसरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे परियोजनाओं के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी।
मंत्री श्री मिश्रा ने कहा कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास से आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरी क्षेत्रों का निर्माण होगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा उद्योग, व्यापार, आवास और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में नए आर्थिक गतिविधि केन्द्र विकसित होंगे, जिससे क्षेत्रीय संतुलित विकास को प्रोत्साहन मिलेगा और बिहार की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल बिहार के समावेशी, टिकाऊ एवं भविष्य उन्मुख शहरी विकास के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।



