नागरिकों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता* : उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा
शहरी सेवाओं से जुड़ी प्रामाणिक शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेगी सरकार* : विजय कुमार सिन्हा

*प्रेस-विज्ञप्ति*
*नागरिकों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता* : उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा
*डेडिकेटेड सेल बनाकर शहरी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों की होगी समीक्षा* : उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा
*शहरी सेवाओं से जुड़ी प्रामाणिक शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेगी सरकार* : विजय कुमार सिन्हा
*शहरी सेवाओं से जुड़ी कार्य-एजेंसियों का डेटाबेस बनाकर मॉनिटरिंग करेगा विभाग* : उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा
*पटना 13 फरवरी
बिहार के उपमुख्यमंत्री-सह-नगर विकास एवं आवास के मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने शहरी सुविधाओं को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक की । इस बैठक में उन्होंने साफतौर पर निदेशित किया कि नागरिकों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है ।
उक्त बैठक के बारे में जानकारी देते हुए माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय सुविधाओं में विसंगतियों को लेकर हमारे पास बड़ी संख्या में शिकायत और परिवाद प्राप्त हो रहे हैं । जिनमें कुछ ऐसे परिवाद राजनीति या निहित स्वार्थों से प्रेरित भी होते हैं । लिहाजा हमने एक डेडिकेटेड सेल बनाकर लोकशिकायत एवं परिवादों के निपटारे का निर्णय लिया है । साथ ही प्रतिवादियों के लिए हम उनके नाम-पता और प्रमाण उपलब्ध कराना अनिवार्य किया जाएगा । प्रामाणिक साक्ष्यों के आधार पर विभाग निश्चित रूप से नियम-संगत कार्रवाई करेगा ।
माननीय उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नगरीय सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु विभाग सभी कार्य-एजेंसियों का सूचीकरण करने जा रहा है । ताकि उनके मानवबल, कार्यों की प्रकृति और गुणवत्ता की सटीक आंकड़ा विभाग के सामने स्पष्ट रहे । अपेक्षित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं करने वाली एजेंसियों पर विभाग कड़ी कार्रवाई भी करेगा ।
श्री सिन्हा ने आगे कहा कि शहरीकरण आज राज्य के विकास के लिए बेहद अहम है । हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देशभर में स्वच्छ, स्वस्थ और सुविधायुक्त शहरों को बढ़ावा देने के प्रयास में जुटे हैं । वहीं माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य सरकार सात निश्चय-3 के प्रमुख आयाम के रूप में ‘इज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने वाले शहरीकरण को गति देने में जुटी है । इसलिए शहरी सुविधाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा ।



