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लालू-राबड़ी शासनकाल में अराजकता, नीतीश सरकार में कानून का राज – राजीव रंजन प्रसाद
24 फरवरी 2026, पटना।
जद (यू0) राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री राजीव रंजन प्रसाद ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार एवं भ्रम फैलाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी शासनकाल में राज्य की पहचान अपराध, अपहरण और अराजकता के कारण राष्ट्रीय स्तर पर नकारात्मक रूप में होती थी, जबकि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में आज का बिहार कानून के राज और सुशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान फिरौती के लिए अपहरण, डकैती और संगठित अपराध आम बात थी। व्यवसायी, चिकित्सक और आम नागरिक भय के वातावरण में जीवन यापन करते थे। प्रशासनिक तंत्र कमजोर था और अपराधियों के मन में कानून का डर नहीं था। वहीं मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सख्त नीतियों, त्वरित अनुसंधान, वैज्ञानिक जांच प्रणाली और पुलिस-प्रशासन के बेहतर समन्वय के कारण अपराध के ग्राफ में निरंतर गिरावट दर्ज की गई है। अपराधियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को भी तथ्यहीन बताया कि घटनाओं के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राप्त शिकायतों की विधिवत जांच के बाद 96.16 प्रतिशत मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है, जो सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही को दर्शाता है। विभिन्न अपराध श्रेणियों में आज बिहार की स्थिति देश के कई राज्यों से बेहतर है। फिरौती के लिए अपहरण, डकैती, यौन उत्पीड़न, बलात्कार, पाॅक्सो और अन्य गंभीर अपराधों में राज्य की रैंकिंग यह साबित करती है कि कानून-व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। हत्या के मामलों में भी राज्य की स्थिति पहले की तुलना में अधिक नियंत्रित है।
आज का बिहार ‘‘जंगलराज’’ की छवि से बाहर निकलकर विकास और सुशासन के मार्ग पर अग्रसर है। सरकार अपराध के प्रति ‘जीरो टाॅलरेंस’ की नीति पर अडिग है और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
(संजय कुमार सिन्हा)
कार्यालय सचिव



