बाप प्रमुख श्री उमेश सिंह जी ने कहा है कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है लोकतंत्र की सतभे नहीं,

लोकतंत्र में जो ग़लत है उसका आलोचना करने का अधिकार जनता रुपी मालिकों को सदैव है वह चाहे कोई व्यक्ति हो संस्था हो दल हो नेता हो महापुरुष हो या फिर कोई देश ही क्यों न हो राष्ट्र की जनता मालिक है वह आलोचना करने के अधिकार से लैस है, उसके अधिकारों का चैलेंज किसी भी सरकारी संस्थानों में करने का मतलब लोकतंत्र को कमजोर करना है और जनता की आवाज़ को दबाना माना जाएगा, बाप प्रमुख श्री उमेश सिंह जी ने देश की जनता से आग्रह करते हुए कहा आपको जिसमें गलती लगे उसकी आलोचना करें इससे और लोगों में सुधार होगा तथा लोकतंत्र चौतरफा मजबूत होगा उन्होंने महिलाओं के प्रति नेताओं के अभद्र टिप्पणी पर कहा कि इस तरह का बोल उचित नहीं है पर यह सत्य है कि महिलाओं के शारीरिक शोषण करने वाले हर क्षेत्र में मौजूद हैं जैसे सरकार उसे आगे ला रही है उसी तरह उसके चौतरफा सुरक्षा के लिए भी ठोस क़दम उठाए ताकि महिलाएं स्वतंत्रता से हर क्षेत्र में काम कर सकें,(रमेश पासवान राष्ट्रीय प्रवक्ता)



