
सम्राट चौधरी का नीतीश को सीधा संदेश सरकार गुजरात यानी मोदी मॉडल से चलेगा, नीतीश मॉडल ने बिहार को भ्रष्टाचार और अपराध दिया है: राजद
कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री को नहीं बुलाकर ये बता दिया कि कुडेदान की रद्दी की कागज बराबर भी नहीं समझा : शक्ति सिंह यादव
पटना 2 मई 2026: बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के राज्य कार्यालय के कर्पूरी सभागार में प्रदेश राजद के मुख्य प्रवक्ता श्री शक्ति सिंह यादव ने प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, अरुण कुमार यादव, प्रमोद कुमार सिन्हा, आरजू खान एवं अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रवक्ता उपेंद्र चंद्रवंशी की उपस्थिति में संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में जदयू काफी घबराहट और छटपटाहट में है। दोनों उपमुख्यमंत्री को बिहार में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में बुलाया नहीं गया और इन्हें कुडेदान की रद्दी की कागज बराबर भी नहीं समझा। दोनों उपमुख्यमंत्री नीतीश जी से शिकायत की और नीतीश जी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कहा ये स्थिति कैसे हुई है। सम्राट चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह भाजपा की सरकार है और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के दिशा निर्देश के अनुसार ही सरकार चलेगी। उसी बेचैनी में आज जलेबी मार्का वाले उपमुख्यमंत्री ने आनन फानन में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इससे ये स्पष्ट हो गया कि जनता दल यू को भाजपा ने कितना बेचैन कर दिया है।
श्री शक्ति सिंह यादव ने आगे कहा कि बिहार में 41000 करोड़ रूपया बिहार के खजाने से खर्च करने वाली सरकार श्वेत पत्र जारी करें की बिहार के खजाने की क्या स्थिति है, क्योंकि सरकार की नीतियों के कारण ही आज बिहार में जो भी जन्म लेता है वह 27000 रुपए का कर्जदार बन जाता है। बिहार में तीन सी का ढिंढोरा पीटने वाले सरकार पहले सी का मतलब चेयर दूसरे सी का मतलब क्राइम और तीसरे सी का मतलब करप्शन से समझौता करके एनडीए सरकार चल रही है। जबकि चौथा सी जो कम्युनिलिज्म है उसको बढ़ावा सरकार के स्तर से ही दिया जा रहा है जिस कारण बिहार में नफरत का माहौल काफी बढ़ गया है और लोगों को खंड-खंड में बांटने की नीति चल रही है। बिहार में क्राइम के नाम पर किस तरह से जातीय विभेद पैदा किया जा रहा है, यह स्पष्ट रूप से दिख रहा है। सरकार अपने कार्यों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है ,क्योंकि बिहार में कार्य करने वाली सरकार नहीं है।
इन्होंने आगे कहा कि जनता दल यू के नेता कहते हैं कि नीतीश के रास्ते पर सरकार चल रही है, जबकि सबको पता है कि भाजपा संघ के रास्ते पर चलती है। अपराध के मामले में नीतीश जी के राज में किस तरह की स्थिति थी यह एनसीआरबी के रिपोर्ट से ही स्पष्ट रूप से प्रमाणित होता है , और मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया है गुंडा और अपराधियों को बढ़ावा दिया गया है।
श्री शक्ति यादव ने आगे कहा कि स्टेशन रोड से जिनकी राजनीति को लालू जी ने मुकाम दिया वह मंत्री बनने के जुगाड़ में किस तरह की बातें कह रहे हैं यह स्पष्ट रूप से लोग भी समझ रहे हैं जिनके संबंध में लोग कहते थे कि ये रंगा और बिल्ला की जोड़ी है उसमें एक बीजेपी को खुश करने में लगे हुए हैं और दूसरे जदयू को इन दोनों के कारनामों को बिहार की जनता अच्छी तरह से जानती है। बिहार के अंदर हालत बद से बदतर है,लेकिन ये लोग इस पर एक शब्द नहीं बोलते है। रामकृपाल यादव बताएं कि आरजेडी में वह गुंडो के सरदार थे?
इन्होंने आगे कहा कि नीतीश की राजनीति फिनिश करने वाले कौन लोग हैं यह सभी लोगों को पता है भाजपा के साथ राजनीति करके कमिटमेंट को कमजोर किया है और इसका दोषी अगर कोई है तो जनता दल यू है। तेजस्वी जी ने पहले ही कहा था की 25 से 30 नहीं रहेंगे नीतीश को किस तरह से भाजपा और भुंजा पार्टी ने मिलकर फिनिश किया यह सामने आ गया है। बिहार में जनता दल यू विचारों के आधार पर फिनिश हो चुकी है अब लड़ाई भाजपा और राजद के बीच है।
राष्ट्रीय जनता दल का मानना है कि बिहार में समग्र रूप से पारदर्शिता के साथ अपराध और अपराधियों को समाप्त करने के लिए कार्रवाई होनी चाहिए ,लेकिन किस तरह से अपने को बचाने वाले सत्ता के संरक्षण में अपराधियों को बढ़ावा दे रहे हैं या उन्हें खुली छूट दे रखे हैं यह दिख रहा है। बिहार में जातीय दृष्टिकोण से अपराध और अपराधियों के मामले में प्रस्तुत किया जा रहा है ,जबकि अपराध और अपराधियों का कोई जात नहीं होता है बिहार में जिस तरह के कारनामे देखने को मिल रहे हैं वैसे 2005 के पहले नहीं होते थे ।
बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में ,चिकित्सा के क्षेत्र में और विकास के पैमाने पर निचले पायदान पर है। बिहार में अल्पसंख्यकों के अधिकार को नीतीश कुमार ने कमजोर किया है। मॉब लिंचिंग की घटनाओं में वृद्धि हुई है और जो आज अल्पसंख्यक हितैषी होने का का दावा कर रहे हैं ,उनको इस बात का जवाब देना चाहिए की सराय रंजन में मौब लिंचिंग की घटना में किनके लोग थे। जहां जनता दल यू ने वक्फ संशोधन विधेयक और एनआरसी के मामले में भाजपा के साथ खड़े होकर अल्पसंख्यकों के हक और अधिकार पर कुठाराघात किया। और भाजपा के साथ मिलकर आरएसएस के विचारधारा को मजबूती प्रदान की। समझौता और समर्पण की राजनीति करने वाले जनता दल यू के नेताओं को बताना चाहिए कि भाजपा और आरएसएस को बढ़ावा किसने दिया। और आज भाजपा को सट्टा सपने में किन का हाथ है। इसी तरह की नीतियों के कारण इसका खामियाजा नीतीश जी को भी भुगतना पड़ रहा है ,कि आज भाजपा के नेतृत्व में बिहार में सरकार आ गई है।
इन्होंने कहा कि लालू प्रसाद जी और तेजस्वी जी हमेशा सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ और अल्पसंख्यकों के हित में मजबूती से खड़े होकर सामने से जवाब दिया है, और कभी भी विचारों से समझौता नहीं किया ।सत्ता और स्वार्थ के लिए जिसने समझौता किया है उसके संबंध में अल्पसंख्यक समाज अच्छी तरह से जानते हैं वह चाहे जितनी भी सफाई दे दें,अल्पसंख्यक समाज उन पर विश्वास नहीं करेंगे।
इन्होंने आगे कहा कि सम्राट चौधरी ने स्वीकारा है कि 20 वर्षों में लगभग 70 हजार हत्या की दोषी नीतीश के नेतृत्व वाली सरकार रही है । तभी तो अपराध मुक्त बिहार बनाने का अकेला श्रेय लेना चाहते हैं, जबकि अपराध बिहार में चरम पर है। नीतीश सरकार ने 20 वर्षों में जातीय जहर बोया है। दलित को महादलित से कुशवाहा को यादव से, कुर्मी को भूमिहार से लड़ाई लगाई है जिसे मिटाने की जरूरत है, तभी बिहार समृद्ध होगा। सम्राट का नीतीश को सीधा संदेश सरकार गुजरात यानी मोदी मॉडल से चलेगा नीतीश मॉडल बिहार को भ्रष्टाचार और अपराध दिया है।
(एजाज अहमद )
प्रदेश प्रवक्ता ,
राष्ट्रीय जनता दल, बिहार



