
बाप प्रमुख श्री उमेश सिंह जी ने देश में चल रहे चुनाव सुधारो पर जो हंगामा हो रहा है उसपर आग्रह करते हुए कहा है कि चुनाव आयोग को अपना पक्ष जबाव के रूप में जरूर रखना चाहिए,उन्होंने ने कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों से आग्रह किया है देश में कानून हैं न्यायालय है अगर आप सबों को कुछ गडबड लग रहा है तो संवैधानिक तरीके से कार्रवाई के लिए न्यायलय या प्रशासन के दरवाजे जाए अगर चुनाव आयोग के द्वारा गलती हुई है तो उसका पर्दाफाश होना चाहिए और ग़लत करने वाले लोगों को कानुनी तौर पर दंडीत भी होना चाहिए, लेकिन विपक्षी दले कानून के सहारा लेने से बच रही है,और अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं जो ठीक नहीं है उन्होंने ने वाआईपी नेता मुकेश साहनी के उस बयान पर कड़े शब्दों में निन्दा किया जिसमें उन्होंने कहा कि हम चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जी को गोली मार देते लेकिन हम लोग संविधान को मानने वाले लोग हैं, उन्हें यह भी ज्ञान नहीं है कि इस तरह की भाषा बोलने का अधिकार संविधान उनको नहीं देता है वह भी इतने बड़े संस्थान के प्रमुख के बारे में मेरी सलाह है कि सिर्फ पैसे से नहीं किताब से प्यार करे साहनी जी और बोलने के पहले होमवर्क करें की हम क्या बोल रहे हैं सस्ती लोकप्रियता के लिए असंवैधानिक शब्द इस्तेमाल करना कानून जुर्म है और मैं चुनाव आयोग और सक्षम संस्थानों के समक्ष अधिकारीगणो से आग्रह करता हूं कि उनपर बाबा साहेब के संविधान तहत कड़ी कार्रवाई करें ताकि और कोई जनसेवक इस तरह का बोल सस्ती लोकप्रियता के लिए कभी न बोल सके, उन्होंने ने कहा कि संविधान और बाबा साहेब सिर्फ पिछड़ी जातियों का नहीं है बल्कि सभी भारत वासियों का है और सभी संविधान को मानते और उसपर चलते हैं संविधान और कानून का मज़ाक़ तो यही लोग ज्यादा बनाते हैं जिसको संविधान ने गरीब वंचित समझकर उसे आगे लाने और चौतरफा सुरक्षा के साथ आधिकार दिया है उसका नाजायज फैयादा उठाकर कुछ लोग दल बनाकर संदनो में तो कुछ लोग मिडिया बैठकर समाज में कटुता फैलाकर मौज का जीवन जी रहे हैं और गरीब आज भी मजदुरी कर रहे हैं, कुछ SC/ST के लोग उस कानून को पैसा कमाने का जरीया भी बना लिया है यह भी कटु सत्य है इसलिए समाजिक जीवन जिने वाले लोगों को सदैव,
यह मंत्र याद रखना चाहिए, सबके हम सब हमारे हमे किसी से बैर नहीं हमारे लिए कोई गैर नहीं, (रमेश पासवान राष्ट्रीय प्रवक्ता)



