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बाप प्रमुख श्री उमेश सिंह जी ने कहा है कि समरथ के नहीं दोष गोसाईं लोकतंत्र में नहीं चलेगा,

लोकतंत्र में सत्ता निरंकुश नहीं पारदर्शी होना चाहिए निरंकुश सत्ता राजतंत्र में हुआ करती थी उसी को समाप्त करने के लिए में लोकतंत्र की स्थापना हुई है, ताकि सरकारों में जनता की भागीदारी बढ़ सकें औ उन्हें न्यायपरक और पारदर्शी जीवन यापन करने के लिए माहौल उपलब्ध सरकारें करा सके,पार्टी प्रमुख श्री ने आगे कहा कि लोकतंत्र को चौतरफा कमजोर रखने में लोकतंत्र के सभी स्तंभों में बैठे लोग ही दोषी हैं इन सभी के अन्दर राजा महाराजा और शासकीय विचार कुट कुट कर भरा है उन्हें पता ही नहीं है हम जहां पदस्थापित है वहा से पारदर्शी जनसेवा प्रदान करना है,पार्टी प्रमुख सिंह ने सरकारों से आग्रह किया है कि कोई भी योजना बने उसमें वोट बैंक तलाशने से परहेज़ करें उसमें सभी जनता के तकलीफे कम हो सके उसपर ध्यान केंद्रित कर ही निर्माण करें,और समाज में कटुता न फैले इसका सदैव ध्यान रहे,क्योंकि अशांति में सर्वांगीण विकास का कोई महत्व नहीं है,समरथ के नहीं दोष गोसाईं, लोकतंत्र में इसका कोई जगह नहीं होना चाहिए,यह राजतंत्र का हिस्सा है लोकतंत्र में समर्थवान व्यक्ति भी अगर गलती करता है तो उसके कुकर्मो के आधार पर दंड मिलना चाहिए, इसी के लिए ही लोकतंत्र की स्थापना की गई है,(रमेश पासवान राष्ट्रीय प्रवक्ता)

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