
बाप प्रमुख श्री उमेश सिंह जी ने कहा कि निर्वाचित सदस्य या सरकारें जनता के परिवार नहीं है वे लोकतंत्र में उनके नौकर है,इसे स्वीकार करे,परिवार बनाने से बचें यह नजदिकियां उनको चौतरफा लुटने के लिए है और उन्हें इमोशनल ब्लैक मेलिग के लिए है, सरकारे सहित लोकतंत्र के सभी स्तंभे जनता का नौकर है परिवार नहीं उनके चौतरफा सेवा से जुड़े, श्री सिंह ने आगे कहा कि भारत की जनता जब तक इमोशन के आधार पर वोट करते रहेगी तब तक लोकतंत्र मजबूत नहीं होगा और ग़लत लोग चुन कर सदन जाते रहेंगे, चुनाव में इमोशन और लापरवाही से मतदान करने से बचें देश की जनता जहा तलवार का काम है वहा सुई को जीताकर कहते हैं तलवार का काम करो यह संभव है इस फर्क को समझे, उन्होंने सरकारों से आग्रह किया है कि स्वास्थ्य और शिक्षा मे घोर सुधार की आवश्यकता है ताकि गरीब से गरीब भी अपना ईलाज बिना एक पैसा खर्च किए देश में कहीं भी करा सकता है किसी के पैरवी की जरूरत न पड़ें,और सभी के लिए एक समान मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए होमवर्क करें, ताकि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नेताओं और बड़े लोगों की पैरवी खुब चलती है,इससे लोगों का विश्वास इन संस्थानों पर कमजोर हो रहा है,ऐसा व्यस्था बनाए की देश के मालिक आम जनता को अपने निर्वाचित नौकरो से इलाज के लिए पैरवी न कराना पड़े, देश के शिक्षण संस्थाने वह चाहे निजी हो या सरकारी सभी जनता को चौतरफा लुट रहे और कोचिंग चलाने वाले को तो लगता है जनता ने उसे रुपए का पेड लगा दिया है उनका विकास देखकर विकास शर्मा जाए इतना लछेदार बोलता है कोचिंग चलाने वाले की अशिक्षित जनता उसके झासे में आ जाती है, ऐसे लोगों को कानूनी दायरे में ले और जनता को बचाएं सरकारें (रमेश पासवान राष्ट्रीय प्रवक्ता)



