
डॉ. राम मनोहर लोहिया की 59वीं पुण्यतिथि पर भाजपा वाणिज्य प्रकोष्ठ ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
पटना, 12 अक्टूबर 2026 (सोमवार)।
महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर समाजवादी चिंतक एवं सामाजिक न्याय के पक्षधर डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की 59वीं पुण्यतिथि के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी, वाणिज्य प्रकोष्ठ, बिहार प्रदेश द्वारा सोमवार को पटना के बोरिंग रोड स्थित वाणिज्य प्रकोष्ठ कैंप कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम वाणिज्य प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रो. (डॉ.) जगन्नाथ प्रसाद गुप्ता जी के मार्गदर्शन एवं प्रदेश सह-संयोजक श्री अमृतेष कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. लोहिया जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व, विचारों एवं राष्ट्र के प्रति योगदान को स्मरण किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश सह-संयोजक श्री अमृतेष कुमार गुप्ता ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया भारतीय राजनीति में वैचारिक स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय और समानता के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने समाज के वंचित, पिछड़े एवं कमजोर वर्गों की आवाज को राष्ट्रीय विमर्श में प्रमुखता से स्थान दिलाया। उनका मानना था कि लोकतंत्र की वास्तविक सफलता तभी संभव है, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, अवसर और न्याय पहुँचे। उनके विचार आज भी सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रेरणा प्रदान करते हैं।
वाणिज्य प्रकोष्ठ के मुख्य प्रवक्ता श्री नरेश महतो ने कहा कि डॉ. लोहिया ने अपने राजनीतिक जीवन में सिद्धांतों, जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा। वे सामाजिक विषमता, आर्थिक असमानता और अन्याय के विरुद्ध निरंतर संघर्षरत रहे। उनके विचार हमें जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने तथा समाज के सभी वर्गों के हित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
प्रदेश सह-संयोजक श्री ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया का चिंतन केवल राजनीतिक व्यवस्था तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें आर्थिक स्वावलंबन, ग्रामीण विकास, सामाजिक समानता और आम नागरिक के सशक्तीकरण की व्यापक अवधारणा समाहित थी। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर समाज में समान अवसर और आर्थिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
प्रदेश महिला सह-संयोजक श्रीमती अमृता गुप्ता ने कहा कि डॉ. लोहिया महिलाओं की समान भागीदारी, सम्मान और अधिकारों के प्रबल पक्षधर थे। उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानता के विरुद्ध आवाज उठाई। आज आवश्यकता है कि महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता, सामाजिक सम्मान और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में समान अवसर प्रदान किए जाएँ।
कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने डॉ. राम मनोहर लोहिया जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके विचारों और आदर्शों को स्मरण किया।



