पिछड़ों और दलितों पर बीजेपी का वार, कांग्रेस ने किया करारा पलटवार

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पिछड़ों और दलितों पर बीजेपी का वार, कांग्रेस ने किया करारा पलटवार: डॉ. सैय्यद नासिर हुसैन
यूपी में एक ओर जातियों की रैली की मनाही कर रही है योगी सरकार और दूसरी तरफ अति पिछड़ा के लिए उद्घोषणा कर रही है कांग्रेस: डॉ सैय्यद नासिर हुसैन
पटना. गुरुवार, 25 सितंबर 2025
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के राजीव गांधी सभागार में आज आयोजित प्रेस वार्ता में एआईसीसी के महासचिव और जम्मू कश्मीर के प्रभारी डॉ. सैय्यद नासिर हुसैन और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, सीएलपी डॉ शकील अहमद खान ने केंद्र और राज्य की सरकारों पर जमकर निशाना साधा।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्य व राज्यसभा सांसद डॉ. सैय्यद नासिर हुसैन ने कहा कि हाल ही में हुई सीडब्ल्यूसी बैठक ऐतिहासिक और निर्णायक रही। “इस बैठक में साफ़ कर दिया गया कि कांग्रेस पार्टी अब तमाशा देखने वाली नहीं है, बल्कि पूरे दमख़म के साथ आरक्षण, सामाजिक न्याय और रोज़गार की लड़ाई लड़ने वाली है,”
डॉ. हुसैन ने भाजपा और उसकी सरकारों पर सीधा वार करते हुए कहा, “बीजेपी की राजनीति आरक्षण और जातीय पहचान मिटाने की राजनीति है। उन्हें लगता है कि आरक्षण गरीबों का हक़ नहीं, बल्कि उनका एहसान है। वे इसे धीरे-धीरे ख़त्म करना चाहते हैं। लेकिन कांग्रेस पार्टी उन्हें यह साज़िश कभी कामयाब नहीं होने देगी। जब-जब आरक्षण पर चोट की जाएगी, कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक आर-पार की लड़ाई लड़ेगी।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के नेता चुनाव आते ही गरीबों, दलितों और पिछड़ों की याद दिलाने लगते हैं, लेकिन पाँच साल तक वही तबका सरकार के लिए अदृश्य हो जाता है। “बीजेपी का नारा है सबका साथ-सबका विकास, लेकिन असलियत में उनका साथ सिर्फ़ कुछ अरबपतियों को है और विकास सिर्फ़ पूंजीपतियों की जेब में जा रहा है,”
डॉ. हुसैन ने कहा कि आज देश में दो विचारधाराएँ आमने-सामने हैं। एक तरफ़ बीजेपी और एनडीए की विचारधारा है जो जातीय असमानता बनाए रखना चाहती है, नौकरियों पर ताला लगाना चाहती है और युवाओं को बेरोज़गार बनाकर सड़कों पर धकेलना चाहती है। दूसरी ओर कांग्रेस और INDIA गठबंधन है, जो हर वर्ग को समान अवसर, सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोज़गार और सुरक्षा देने का संकल्प लिए हुए है।
बिहार की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “यहाँ 14 करोड़ की आबादी है, जिसमें 9 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं और सिर्फ़ ₹67 प्रतिदिन में गुज़ारा कर रहे हैं। सरकार के पास 30 लाख से ज़्यादा पद खाली हैं, लेकिन नौकरियाँ देने की बजाय युवाओं को बहला-फुसलाकर झूठे सपने दिखाए जाते हैं। यही कारण है कि बिहार का नौजवान रोज़ाना अपने घर छोड़कर रोज़गार की तलाश में दिल्ली, मुंबई और पंजाब की ओर पलायन कर रहा है।”
उन्होंने तंज करते हुए कहा कि सरकार के लिए युवा सिर्फ़ “चुनावी पोस्टर और भीड़ जुटाने का सामान” हैं, न कि देश का भविष्य।
साथ ही उन्होंने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री एक ओर जहां जातीय सम्मेलनों पर रोक लगा रहे हैं वहीं दूसरी ओर उनकी ही सरकार सभी फुटपाथी दुकानदारों से अपनी जातियों का उपनाम लिखने की अनिवार्यता को कानूनी रूप से लागू करवाता है।
डॉ. हुसैन ने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक और तेलंगाना में जो गारंटियाँ लागू कीं, उसने साबित कर दिया कि कांग्रेस सिर्फ़ वादा नहीं करती बल्कि उस पर अमल भी करती है। उन्होंने कहा कि बिहार में भी कांग्रेस गारंटियों को लागू करेगी — युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा और अवसर, किसानों को न्याय और गरीबों को राहत। “यह कांग्रेस की गारंटी है, जो बीजेपी के जुमलों की तरह खोखली नहीं होगी,”
महिलाओं की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और बदहाल योजनाओं की सबसे बड़ी मार महिलाओं पर पड़ रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की दुर्दशा ने उन्हें और पीछे धकेल दिया है। डॉ. हुसैन ने कहा कि प्रियंका गांधी अगले दिन बिहार आएँगी, महिलाओं के साथ संवाद करेंगी और मोतिहारी में एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगी। उन्होंने कहा कि यह सभा महिलाओं और युवाओं की आवाज़ बनेगी और सरकार को जवाब देना पड़ेगा कि आखिर उनकी उपेक्षा कब तक की जाएगी।
डॉ. हुसैन ने आरोप लगाया कि आज राज्य और केंद्र की सरकारें भ्रष्टाचार में डूबी हुई हैं। योजनाओं के नाम पर जनता का पैसा लूटा जा रहा है और बड़े-बड़े घोटालों को दबा दिया जा रहा है। “सरकार जनता को राशन और रोज़गार देने में नाकाम है, लेकिन अपने नेताओं और उद्योगपति मित्रों के लिए अरबों-खरबों की छूट बाँटने में कभी देर नहीं करती,” उन्होंने कटाक्ष किया।
एआईसीसी महासचिव डॉ. हुसैन ने कहा, “कांग्रेस पार्टी की लड़ाई सिर्फ़ सत्ता की नहीं है। यह लड़ाई है वंचितों, पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं के अधिकार और सम्मान की। कांग्रेस आख़िरी दम तक यह लड़ाई लड़ेगी। बीजेपी और उसकी सरकारें चाहे जितनी साज़िश कर लें, आरक्षण और सामाजिक न्याय पर आँच नहीं आने दी जाएगी। बिहार की जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस उस बदलाव की अगुवाई करेगी।”
अतिपिछड़ा न्याय संकल्प
1. ‘अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम’ पारित किया जाएगा।
2. अतिपिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत तथा नगर निकाय में वर्तमान 20% आरक्षण को बढ़ाकर 30% किया जाएगा।
3. आबादी के अनुपात में आरक्षण की 50% की सीमा को बढ़ाने हेतु, विधान मंडल पारित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची मे शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
4. नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया में “Not Found Suitable” (NFS) जैसी अवधारणा को अवैध घोषित किया जाएगा।
5. अतिपिछड़ा वर्ग की सूची में अल्प या अति समावेशन (under- or over-inclusion) से संबंधित सभी मामलों को एक कमेटी बनाकर निष्पादित किया जाएगा।
6. अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति, जन-जाति तथा पिछड़ा वर्ग के सभी आवासीय भूमिहीनों को शहरी क्षेत्रों में 3 डेसिमल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डेसिमल आवासीय भूमि उपलब्ध करायी जाएगी।
7. UPA सरकार द्वारा पारित ‘शिक्षा अधिकार अधिनियम’ (2010) के तहत निजी विद्यालयों में नामांकन हेतु आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा अतिपिछड़ा, पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति और जन-जाति के बच्चों हेतु निर्धारित किया जाएगा।
8. 25 करोड़ रुपयों तक के सरकारी ठेकों/आपूर्ति कार्यों में अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा।
9. संविधान की धारा 15(5) के अंतर्गत राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थानों के नामांकन हेतु आरक्षण लागू किया जाएगा।
10. आरक्षण की देखरेख के लिए उच्च अधिकार प्राप्त आरक्षण नियामक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, और जातियों की आरक्षण सूची में कोई भी परिवर्तन केवल विधान मंडल की अनुमति से ही संभव होगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि आज बिहार और पूरे देश की जनता महंगाई, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और असमानता की मार झेल रही है, लेकिन सत्ता पर काबिज़ लोग सिर्फ़ पूंजीपतियों और अपने चहेतों की जेबें भरने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की प्राथमिकता गरीब, किसान, मज़दूर और युवाओं की है। उन्होंने मीडिया का आभार जताते हुए कहा कि मीडिया ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के फैसलों को जनता तक पहुँचाने का काम किया है और आज की प्रेस वार्ता उसी का विस्तार है।
विधायक दल के नेता डॉ शकील अहमद खान ने कहा कि पिछड़े समाज के उत्थान के लिए पार्टी द्वारा हर घर अधिकार अभियान चलाया जा रहा है और पार्टी समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए अपनी नीतियों को और मजबूती क्रियान्वित करेगी।
संवाददाता सम्मेलन में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम, राज्यसभा सांसद और कांग्रेस कार्य समिति के महासचिव डॉ. सैयद नासिर हुसैन, बिहार विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, सीएलपी काउंसिल और पूर्व अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा, राष्ट्रीय मीडिया कॉर्डिनेटर अभय दुबे, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, मीडिया कोऑर्डिनेटर प्रियंका गुप्ता, सोशल मीडिया प्रमुख प्रणव कुमार, सौरभ सिंहा, महिला कांग्रेस की अध्यक्षा सर जहां फातिमा उपस्थित रहें।
राजेश राठौड़
चेयरमैन, मीडिया विभाग
बिहार कांग्रेस



