
तेजस्वी जी ने फुलवारी शरीफ में उर्स के मौके पर पीर मुजीबुल्लाह कादरी रहमतुल्ला अलैह के मजार पर चादरपोशी की और पीर साहब से मिलकर उनसे दुआ और आशिर्वाद लिया
पटना 26 अगस्त 2026
राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने आज फुलवारी शरीफ में उर्स के मौके पर हजरत पीर मुजीबुल्लाह कादरी रहमतुल्ला अलैह के मजार पर चादरपोशी कर सुबा बिहार और मुल्क की तरक्की, अमन और भाईचारगी के लिए दुआ मांगी। इस मौके पर राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं ने इनका स्वागत और इस्तकबाल साफा, टोपी पहनाकर और बुके देकर किया।
चादरपोशी से पहले पीर आयतुल्लाह कादरी साहब से मिलकर उनसे दुआ ली।
चादरपोशी के वक्त खानकाह मुजीबिया के मिनहाजुद्दीन कादरी साहब के अलावा राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी, डॉ तनवीरहसन, अख्तरुल इस्लाम शाहीन , विधान पार्षद कारी मोहम्मद सौहैब, शक्ति सिंह यादव,एजाज अहमद, डॉ मोहिबुल हसन हीरा, डॉ अनवर आलम, दीनानाथ नाथ यादव, कौशर खान, फारूक आजम ललन, मो आसिफ लड्डू, भाई आरिफ, मो आसिफ, सलाहुद्दीन मंसूरी,मंसुर अंसारी, छोटे खान, ई शाहनवाज,ई आफताब आलम,मो गोल्डन, सैयद खालिद नसीरुद्दीन, दिनेश पासवान, मो इकबाल, मो मोहसिन सहित सैकड़ों की संख्या में जायरीन और अकीदत मंद शामिल थे।
चादरपोशी के बाद नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि फुलवारी शरीफ से और खास तौर से खानकाह मुजीबिया से हमारे पिता लालू जी का गहरा लगाव रहा और वह बराबर ईद, बकरीद और उर्स के मौके पर आया करते थे, और उन्हें यहां से आशीर्वाद और दुआ मिलता था। अब मैं लालु जी के रास्ते पर चलकर बराबर फुलवारी शरीफ और खास तौर से खानकाह मुजीबिया आते रहूंगा। जिस तरह से लोगों ने मोहब्बत और प्यार दिया है और खास तौर से पीर साहब और मिन्हाज साहब का प्यार मिला है उससे मैं काफी प्रभावित हुआ हूं मुझे ये अपने घर की तरह लगता है। इन्होंने कहा कि देश के अंदर गंगा जमुना संस्कृति और एक दूसरे के साथ मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम देने का यह जरिया है और इसे मजबूत करने की जरूरत है। इन्होंने नफरत के खिलाफ मोहब्बत और भाईचारे के माहौल को मजबूत बनाने की जरूरत है। इन्होंने सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया और कहा कि इसी तरह से आप सभी का प्यार मोहब्बत मिलता रहे और हम वैसी शक्तियों के खिलाफ मजबूती से खड़े हो सके इसके लिए आप सभी बेहतर माहौल के निर्माण में सहभागी बने।
(एजाज अहमद)



