कछुए की धीमी गति को भी पीछे छोड़ दिया है पटना मेट्रो प्रोजेक्ट: राजेश राठौड़*
कछुए की धीमी गति को भी पीछे छोड़ दिया है पटना मेट्रो प्रोजेक्ट: राजेश राठौड़*

*कछुए की धीमी गति को भी पीछे छोड़ दिया है पटना मेट्रो प्रोजेक्ट: राजेश राठौड़*
*पटना मेट्रो प्रोजेक्ट की धीमी गति पर सरकार पर बरसे कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़*
*पटना. बुधवार, 13 मई 2026*
पटना मेट्रो प्रोजेक्ट की कछुए से भी धीमी गति से चलते काम और हो रहे विलंब पर हमलावर होते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कहा कि ऐसी गति में सैंकड़ों वर्षों का यह प्रोजेक्ट बन कर रह जाएगा।
बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि मात्र 3 किलोमीटर निर्मित पटना मेट्रो को चुनावी लाभ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आनन फानन में उद्घाटन तो कर दिया लेकिन आज भी 3 किमी से आगे का परिचालन शुरू नहीं हो सका। बिहार की एनडीए सरकार पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल डीजल के मूल्यों में वृद्धि पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मेट्रो से चलने का संदेश जारी करते हैं लेकिन आम जनता उनके अपील को पढ़कर आश्चर्यचकित है कि आखिर उनकी एनडीए सरकार ने इस प्रोजेक्ट को लटकाएं क्यों रखा है?
मुख्यमंत्री स्पष्ट रूप से बताएं कि क्या बजट के अभाव में यह प्रोजेक्ट लेट हो रहा है या कर्तव्यहीन अधिकारी के कारण इसमें देरी हो रही है? यदि ऐसा है तो दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट को आधार मानकर ई. श्रीधरन जैसे ही तेज तर्रार अधिकारियों की नियुक्ति हो जिससे मेट्रो का कार्य अविलंब पूरा हो। दिल्ली जैसे शहर में मेट्रो का कार्य समय से पूर्व पूरा हो जाता है जबकि पटना में यह कार्य अधर में लटका हुआ है।
पटनावासियों को मेट्रो की सुविधा मिलने में कछुए की गति को भी वर्तमान सरकार ने फेल कर दिया है। राज्य सरकार के पास पैसे का अभाव है और उसका कोई भी प्रोजेक्ट समय पर पूरा होने की स्थिति में नहीं है। मेट्रो को लेकर चुनावी लाभ के उद्देश्य से बहुत भुनाया गया लेकिन अब तक लाखों की रोजाना लागत के बाद सरकार को आमदनी मात्र 7-8 हजार रुपए रोजाना हो रही है क्योंकि यह अदूरदर्शी सोच के साथ शुरू की गई एक लेटलतीफ प्रोजेक्ट बनकर रह गई है। पटना मेट्रो को जल्द शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अविलंब हस्तक्षेप करते हुए आवश्यक राशि विमुक्त करनी चाहिए लेकिन केवल चुनावों में जुमलों की बारिश करने के बाद वें बिहार से सारे नाते रिश्ते तोड़कर चल जाते हैं।
राजेश राठौड़
चेयरमैन, मीडिया विभाग
बिहार कांग्रेस


